विश्व मलेरिया दिवस आज, तीन वर्ष में छह गुना बढ़ गए मलेरिया के मरीज, बचाव और समय पर इलाज पर जोर
लखनऊ, अमृत विचार : मलेरिया की रोकथाम के लिए संचारी अभियान के तहत कई वर्ष से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, फागिंग और दवा छिड़काव का दावा भी किया जाता है, इसके बावजूद मलेरिया की मरीजाें का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। वर्ष 2023 में जहां 97 मरीज मिले थे वहीं वर्ष 2025 में इनकी संख्या बढ़कर लगभग सात गुना बढ़कर 676 पहुंच गई। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मलेरिया नियंत्रण के लिए जागरूकता अभियान निरंतर जारी हैं।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि जागरूकता का ही परिणाम है कि लोग अब लक्षणों की पहचान कर समय रहते मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस का उद्देश्य भी लोगों को मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जागरूक करना है। मलेरिया एक रक्त संक्रमण है, ये मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है।
इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों से सुरक्षा है। समय पर उपचार न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। जिला मेलिरया अधिकारी ऋतु श्रीवास्तव ने बताया कि फागिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। मलेरिया के लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर जांच कराई जा रही है।
मलेरिया के प्रमुख लक्षण
बुखार, सिरदर्द और ठंड लगना इसके सामान्य लक्षण हैं, जो संक्रमण के 10 से 15 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं। इसके अलावा अत्यधिक थकान, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत, पेशाब में खून आना, आंखों व त्वचा का पीला पड़ना तथा असामान्य ब्लीडिंग भी इसके गंभीर संकेत हैं।
लखनऊ में आठ साल के मलेरिया के आकड़े
| वर्ष | केस |
| 2025 | 676 |
| 2024 | 492 |
| 2023 | 97 |
| 2022 | 127 |
| 2021 | 34 |
| 2020 | 25 |
| 2019 | 146 |
| 2018 | 168 |
