UP :'बीवी घंटों नमाज पढ़ती है-मुझे तलाक चाहिए', शौहर की अजीब बातें सुनकर हैरत में पड़ गई कानपुर की शरई अदालत

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
On

जमीर सिद्दीकी, कानपुर, अमृत विचार : शौहर (पति) ने बीवी की ऐसी शिकायत करके तलाक की गुहार लगाई, जिससे शरई अदालत भी हैरत में पड़ गई और शहरकाजी दंग रह गए। इस पेचीदा मसले का शहरकाजी ने कुरआन और हदीस की रोशनी में पूरे मामले का ऐसा हल निकाला कि बीवी भी सोच में पड़ गई। 

शहरकाजी मौलाना हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी की अध्यक्षता में मदरसा इशाअतुल कुलीबाजार में शरई अदालत लगाती है। यहां कुरआन व हदीस की रोशनी में शरई मसले हल किये जाते हैं। इसी क्रम में बाबूपुरवा निवासी मोदम्मद निजाम (बदला हुआ नाम) शरई अदालत पहुंचे। वह अपने साथ अपनी बीवी को भी लेकर आये थे। शरई अदालत में मुफ्ती ने पूछा कि आखिर मामला क्या है?
 
शौहर ने अदालत में अपनी बात रखते हुए कहा कि दिनभर मेहनत मजदूरी करके जब हम रात में घर आते हैं तो मेरी बीवी मुझसे बात ही नहीं करती और तुरंत नमाज पढ़ने लगती है। नमाज भी कोई एक दो घंटा नहीं बल्कि आधी रात तक नमाज पढ़ने का सिलसिला रहता है। ऐसा एक दिन नहीं बल्कि रोज का नियम बन गया है। लिहाजा आप मुझे तलाक दिला दें! ये सुनते ही शरई अदालत में खामोशी छा गयी। इस शहरकाजी ने उनकी पत्नी से पूछा कि आपके शौहर जो भी कह रहे हैं, उसमें कितनी सच्चाई है।

मेरे साथ इनका रवैया सही नहीं-बीवी 
बीवी ने कहा कि मेरे शौहर का मेरे प्रति रवैया ठीक नहीं है। नमाज में परिवार के लिए दुआ करते हैं। इसके उलट, शौहर मारपीट करते हैं। मुझे भी इनके साथ नहीं रहना है। मेरे दो बच्चे हैं, बच्चों के सामने भी मेरे शौहर गाली गलौज करते हैं। 

शौहर का ख्याल रखना आपकी जिम्मेदारी-शहरकाजी  
इस मामले में शहरकाजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी ने कहा कि बीवी का ये फर्ज है कि नमाज के साथ-साथ बीवी का भी ख्याल रखे। शहरकाजी ने मियां बीवी दोनों को 15 दिन का समय देते हुए कहा कि एक बार फिर सोच समझ लें। जल्दबाजी में फैसला नहीं करें। अपने रिश्तों को मजबूत करें।

संबंधित समाचार