यूपी में गर्मी से बच्चों को बचाएगी योगी सरकार : स्वास्थ्य सुविधाओं और डॉक्टरों से कनेक्ट होंगे स्कूल

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: आसमान से बरस रही आग के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में हीटवेव से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों को केवल शिक्षा केंद्र ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्वास्थ्य के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सरकार ने मध्याह्न भोजन (एमडीएम) को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ते हुए इसे हीटवेव से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया है। स्कूलों में समयबद्ध गतिविधियां, छायादार स्थान, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश लागू कर दिए गए हैं। गर्मी के दौरान एमडीएम योजना को केवल भोजन तक सीमित न रखकर बच्चों की सेहत मजबूत करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। पौष्टिक आहार के जरिए बच्चों को हीटवेव के प्रभाव से बचाने की रणनीति अपनाई गई है।

44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचते तापमान को देखते हुए सरकार ने पहले से ही डेटा आधारित रणनीति लागू की है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत सभी जिलों में लगातार मॉनिटरिंग और समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भीषण गर्मी के इस दौर में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर स्तर पर तैयारियों को मजबूत किया गया है।

दवाओं की उपलब्धता पर खास ध्यान

स्वास्थ्य विभाग को ओआरएस, ग्लूकोज, इलेक्ट्रोलाइट्स और प्राथमिक उपचार किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को आयरन की पिंक गोलियां और कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को नीली गोलियां देने की व्यवस्था की गई है।

स्कूलों में लागू किए गए प्रमुख निर्देश

• दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहरी गतिविधियों पर रोक

• बच्चों के लिए पर्याप्त पानी और छायादार स्थान की व्यवस्था

• हल्के और सूती कपड़े पहनने की सलाह

• धूप में खेलकूद से परहेज

• चक्कर, कमजोरी या उल्टी के लक्षण पर तुरंत चिकित्सीय मदद

 

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