Bareilly : फर्जी आईएएस विप्रा गैंग ने तीन लोगों से नौकरी के नाम पर दस लाख ठगे
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर किया धोखा, दो बार भेजे पीड़ितों को नियुक्ति पत्र
बरेली, अमृत विचार। आईएएस बहनों के नाम पर चल रहे ठगी के नेटवर्क का खुलासा होने के बाद अब पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को दो शिकायतें सामने आई थीं, वहीं गुरुवार को भी एक और पीड़ित थाना पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी।
सुभाषनगर क्षेत्र के राजीव कॉलोनी निवासी अमित राज ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात ग्रीन पार्क निवासी डॉ. विप्रा शर्मा से हुई थी, जिन्होंने खुद को एसडीएम बताया था। बातचीत के दौरान उन्होंने प्रशासन में ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए अमित और उसके भाइयों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
आरोप है कि डॉ. विप्रा शर्मा ने राजस्व विभाग में क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर और लेखपाल पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की। परिवार ने जेवर बेचकर दो लाख रुपये नकद और आठ लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने अक्टूबर और दिसंबर 2024 में डाक के माध्यम से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे, जिन पर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव के नकली हस्ताक्षर थे। जब ज्वाइनिंग नहीं हुई तो पीड़ित को शक हुआ और उसने लखनऊ जाकर जांच की, जहां नियुक्ति पत्र फर्जी निकले।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। अब उसने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ठगी करने वाली बहनों के बारे में और जानकारी कर रही है। उनके बैंक खातों की भी जानकारी बैंक से ली जा रही है। फिलहाल तीनों बहने जेल में है और उनके एकाउंट भी फ्रीज कराए जा चुके है।
