कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा राहत : असम सीएम की पत्नी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्व सरमा की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेश में कई अघोषित संपत्तियां होने संबंधी आरोप लगाने के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी। न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदूरकर की पीठ ने कुछ शर्तों के साथ खेड़ा को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया। अदालत का आदेश शुक्रवार को वेबसाइट पर अपलोड किया गया। 

अदालत ने बृहस्पतिवार को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा था। अदालत ने कहा, "अपीलकर्ता (पवन खेड़ा) को अपराध शाखा थाने में दर्ज केस नंबर 04/2026 में अग्रिम जमानत दी जाती है। आरोपी को जांच अधिकारी द्वारा तय की गईं उचित शर्तों का पालन करना होगा।" पीठ ने खेड़ा को जांच में सहयोग करने, जरूरत पड़ने पर थाने में पेश होने और जांच या मुकदमे के दौरान साक्ष्यों को प्रभावित या छेड़छाड़ न करने का निर्देश दिया। 

साथ ही, अदालत ने कहा कि खेड़ा बिना संबंधित अदालत की अनुमति के विदेश नहीं जा सकते और यदि अधीनस्थ अदालत आवश्यक समझे, तो वह अतिरिक्त शर्तें भी लगा सकती है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के 24 अप्रैल के आदेश को चुनौती देने वाली खेड़ा की अपील को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने कहा कि उच्च न्यायालय की टिप्पणियां उपलब्ध तथ्यों के सही आकलन पर आधारित नहीं थीं और विशेष रूप से आरोपी पर सबूत का बोझ डालना गलत प्रतीत होता है।

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 339 के तहत कोई स्पष्ट अपराध आरोपित किए बिना, केवल महाधिवक्ता के बयान के आधार पर की गई टिप्पणियां उचित नहीं लगतीं। मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा ने खुद पर आरोप लगने के बाद खेड़ा और अन्य के खिलाफ गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कराया था। 

इससे पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय ने खेड़ा को सात दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन असम पुलिस ने इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। इसके बाद शीर्ष अदालत ने अंतरिम आदेश पारित कर ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी थी और खेड़ा को गुवाहाटी उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा था।  

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