Bareilly : सिस्टम मौन, हिंसक कुत्तों से बचाए कौन
जिले में शहर से देहात तक कुत्तों का आतंक
बरेली, अमृत विचार। शहर से देहात तक आवारा कुत्तों का आतंक इंसानी सुरक्षा के लिए बड़ा संकट बन गया है। हिंसक कुत्तों के झुंड बच्चे, महिलाएं बूढ़े, जवान सब पर झपट रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार नगर निगम इंतजाम करने के नाम पर सिर्फ फाइलें दौड़ाता नजर आ रहा है। कर्मचारी नगर कुत्तों से बचने के प्रयास में बाइक से रिटायर टीचर मंजू सक्सेना अपनी जान गंवा बैठीं।
टीचर की मौत की घटना की ओर अमृत विचार ने सिस्टम का ध्यान खींचा तो टीमें कुछ घंटे दौड़ती नजर आईं और उसके बाद फिर शांत होकर बैठ गईं। लोगों का कहना है कि बारादरी, किला से लेकर सीबीगंज समेत कई इलाकों में कुत्तों के हमले की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं। हाल के ही दिनों में एक दर्जन से अधिक लोग कुत्तों के हमलों में घायल हो चुके हैं। हर तरफ कुत्तों की दहशत है।
सीबीगंज क्षेत्र के वंडिया, खान गौटिया, गौटिया और नंदोसी गांवों में हालात और भी चिंताजनक हैं। यहां बच्चों और राहगीरों पर कुत्तों के हमले लगातार सामने आ रहे हैं। स्कूलों के बाहर कुत्तों के झुंड डेरा डाले रहते हैं, जिससे अभिभावकों में भारी डर है। वहीं मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोग भी इनका सबसे आसान निशाना बन रहे हैं। आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए नगर निगम द्वारा करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर संचालित तो है,लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है । नसबंदी और पकड़ने की प्रक्रिया अधूरी रहने से समस्या और विकराल हो गई है। शहर में 44 फीडिंग पॉइंट चिन्हित किए गए, लेकिन इसका भी कोई ठोस असर नहीं दिख रहा है। अनुमान है कि शहर में करीब 500 खतरनाक नस्ल के कुत्ते हैं, जिनमें अधिकांश का पंजीकरण नहीं है। आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक अब सिर्फ एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि जनसुरक्षा का बड़ा मुद्दा बन चुका है। लगातार हो रही मौतों और हमलों के बावजूद प्रभावी नियंत्रण न होना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर रहा है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में हालात और भयावह हो सकते हैं।
मौतों का बढ़ता आंकड़ा (2023-2026)
29 अप्रैल 2026: कर्मचारी नगर में रिटायर्ड शिक्षिका मंजू सक्सेना की मौत
2026 (शुरुआत): 4 वर्षीय अरश की कुत्तों के हमले में मौत
नवंबर 2023: 5 वर्षीय दक्ष की मौत
वंडिया (सीबीगंज): 2 साल की बच्ची को कुत्तों ने मार डाला
खान गौटिया: 10-12 वर्षीय बालक अयान की हमले में मौत
एंटी रैबीज वैक्सीनेशन के आंकड़े
जनवरी: 6406
फरवरी: 6380
मार्च: 6690
अप्रैल: 6725
नगर आयुक्त संजीव कुमार के अनुसार, कुत्तों की नसबंदी के लिए एक ABC सेंटर संचालित है, जिसे पीपुल फॉर एनिमल संस्था देख रही है। एक और सेंटर के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसे संतुलन जीव संस्था संचालित करेगी। उन्होंने बताया कि नसबंदी के बाद कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ा जाता है। ---संजीव कुमार मौर्या नगर आयुक्त आईयू को भी सक्रिय कर दिया गया है, जो क्षेत्र में होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि की जानकारी जुटा रही है। पुलिस टीमों को विशेष रूप से निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करें।
