धर्मेंद्र को याद कर छलका हेमा मालिनी का दर्द, कहा- 'उनके साथ जीवन बिताने का अवसर मिला'

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Published By Anjali Singh
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मुंबई। अभिनेत्री-राजनेता हेमा मालिनी का कहना है कि वह अपने पति, सुपरस्टार धर्मेंद्र के निधन के सदमे से उबरने की कोशिश कर रही हैं। हेमा मालिनी यहां राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (एनजीएमए), मुंबई द्वारा केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित 'लेंस एंड लेगेसी: बॉलीवुड इन फोकस' प्रदर्शनी के उद्घाटन में बृहस्पतिवार को शामिल हुईं। यह प्रदर्शनी भारतीय सिनेमा की दृश्य संस्कृति का व्यापक और प्रभावशाली उत्सव है। 

प्रदर्शनी में धर्मेंद्र और आशा भोसले को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। हेमामालिनी ने कहा, "मैं बहुत सौभाग्यशाली रही कि मुझे उनके साथ जीवन बिताने का अवसर मिला। मैं उन्हें बहुत याद करती हूं। अब वह नहीं हैं, तो मुझे नहीं पता कि मैं पूरी जिंदगी इससे कैसे उबर पाऊंगी।" धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि देते हुए वह भावुक हो गईं और उन्होंने न केवल भारतीय सिनेमा में उनके योगदान, बल्कि उनके व्यक्तित्व को भी याद किया।

उन्होंने कहा, "मेरे लिए इस प्रदर्शनी का हिस्सा बनना बहुत मायने रखता है। यह श्रद्धांजलि सिर्फ फिल्म उद्योग में उनके योगदान का सम्मान नहीं है, बल्कि उनके सफर, जुनून, समर्पण और दर्शकों के प्रति उनके प्रेम को भी दर्शाती है। वह हमेशा कहते थे कि फिल्म दिल से जुड़ने का माध्यम है। उन्हें फिल्मों में काम करने और कैमरे के सामने रहने का गहरा जुनून था।"

'ही-मैन' के नाम से मशहूर धर्मेंद्र ने दशकों तक फैले अपने करियर में एक मजबूत विरासत बनाई और अपने अभिनय व सादगी से करोड़ों लोगों का दिल जीता। एक्शन भूमिकाओं से लेकर हल्की-फुल्की कॉमेडी और भावनात्मक ड्रामा तक, वह अपने दौर के सबसे प्रशंसित अभिनेताओं में से एक थे। इस दिग्गज अभिनेता का उनके 90वें जन्मदिन (8 दिसंबर) से कुछ दिन पहले, 24 नवंबर, 2025 को निधन हो गया था। 

अपने निजी जीवन की झलक साझा करते हुए हेमामालिनी ने कहा, "जीवनसाथी के रूप में मैंने देखा कि वह कितने जुनूनी थे। उन्होंने अपने शानदार अभिनय और व्यवहार से लाखों लोगों के दिलों को छुआ। उन्होंने युवा पीढ़ी सहित कई लोगों को प्रेरित किया। एक अभिनेता, मित्र और पिता के रूप में वह महान इंसान थे।" इस वर्ष 12 अप्रैल को फिल्म उद्योग ने दिग्गज गायिका आशा भोसले (92) को भी खो दिया। 

हेमामालिनी ने कहा कि आशा भोसले और लता मंगेशकर के गीतों ने पर्दे पर उनके व्यक्तित्व को खास पहचान दी। उन्होंने कहा, "हमने एक महान, मधुर आवाज वाली गायिका को खो दिया है। उन्होंने मेरे लिए उतने ही गीत गाए, जितने लता जी ने गाए।" इस प्रदर्शनी में भारत के प्रतिष्ठित फोटो-पत्रकारों—प्रदीप चंद्रा, शांतनु दास, सुधारक ओलवे और बंदीप सिंह के कार्यों के साथ-साथ अभिलेखागार विशेषज्ञ, लेखक और फिल्म इतिहासकार एस एम एम औसाजा तथा नेहा कामत द्वारा संकलित दुर्लभ संग्रह भी प्रदर्शित किए हैं। 

एनजीएमए के संग्रह से लिए गए बालकृष्ण के कार्य भी इसमें शामिल हैं, जिनमें मधुबाला, वहीदा रहमान, वैजयंतीमाला और नरगिस जैसी हस्तियों के चित्र शामिल हैं। हेमामालिनी ने इस प्रदर्शनी को एक दुर्लभ अनुभव बताया और कहा कि यह उन्हें पुरानी यादों में ले गई। उन्होंने कहा, "यह बहुत बड़े लोगों का बड़ा योगदान है। यह प्रदर्शनी पूरे उद्योग की यात्रा का दृश्यात्मक अनुभव है। 

हर फ्रेम में गहरी यादें समाई हैं और हर पोस्टर हमें पुरानी यादों में ले जाता है।" उन्होंने मेकअप आर्टिस्ट, हेयरड्रेसर, कॉस्ट्यूम डिजाइनर, सिनेमैटोग्राफर और फोटोग्राफरों जैसे पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों को भी श्रेय दिया, जिन्होंने उनके स्क्रीन पर व्यक्तित्व को निखारा। इस अवसर पर वरिष्ठ अभिनेता रंजीत, पूनम सिन्हा, मधु, फोटोग्राफर अविनाश गोवारीकर और किरण शांताराम सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। 

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