मजदूर दिवस पर सीएम योगी की सख्त चेतावनी : "काम का पूरा दाम देना होगा, नहीं तो कार्रवाई तय"
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों के हितों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए फैक्ट्री मालिकों और ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब श्रमिकों से काम लेकर भुगतान में टालमटोल या कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि श्रमिक ने काम किया है, तो उसे उसका पूरा दाम मिलना ही चाहिए, अन्यथा सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित 'श्रमवीर गौरव कार्यक्रम' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले श्रमिकों का शोषण होता था, लेकिन अब सरकार उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हाल ही में नोएडा में हुए श्रमिक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में औद्योगिक अशांति किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में श्रमिकों के ठहरने के लिए डोरमेट्री और सस्ती कैंटीन की व्यवस्था की जाएगी, जहां उन्हें किफायती भोजन, स्नानघर, मनोरंजन और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सरकार ने श्रमिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयुष्मान योजना का दायरा बढ़ाने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक 12 लाख 26 हजार श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड दिए जा चुके हैं, जबकि शेष 15 लाख 83 हजार निर्माण श्रमिकों को भी आज से यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे करीब 80 लाख लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं।
उन्होंने बताया कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के माध्यम से 3 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है, जबकि 65 लाख लोगों को नया रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू राज्य' की छवि से निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के हर मंडल में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जहां श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। प्रत्येक विद्यालय में एक हजार विद्यार्थियों के पढ़ने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में केंद्रीय, नवोदय और सैनिक विद्यालयों के स्तर के शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, ताकि श्रमिकों के बच्चे भी भविष्य में उच्च पदों तक पहुंच सकें।
