Bareilly News: एक महंत जो सरकार के अफसरों से मांग रहा मांग रहा है मौत...जानें बुजुर्ग नीरज गुप्ता का ये दर्द
बुखारा के पास एक मंदिर में महंत है नीरज गुप्ता, इलाज व आर्थिक मदद नहीं मिलने से जीना मुहाल
गाजियाबाद के हरीश राणा 13 साल कोमा रहे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद उन्हें निष्क्रिय इच्छामृत्यु दी गई थी। अलग हालात में इच्छामृत्यु की मांग उठाकर बरेली के दिव्यांग महंत नीरज गुप्ता ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में महंत ने बीमारी, अकेलापन, आर्थिक तंगी और शारीरिक परेशानी का जिक्र करते हुए मदद की मांग की है और ऐसा न होने पर इच्छा से मृत्यु की अनुमति चाही है।
बरेली, अमृत विचार। गाजियाबाद के हरीश राणा 13 साल कोमा रहे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद उन्हें निष्क्रिय इच्छामृत्यु दी गई थी। अलग हालात में इच्छामृत्यु की मांग उठाकर बरेली के दिव्यांग महंत नीरज गुप्ता ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में महंत ने बीमारी, अकेलापन, आर्थिक तंगी और शारीरिक परेशानी का जिक्र करते हुए मदद की मांग की है और ऐसा न होने पर इच्छा से मृत्यु की अनुमति चाही है।
25 साल पहले छोड़ा था परिवार
कलेक्ट्रेट पहुंचे नीरज गुप्ता ने शिकायती पत्र में खुद को बुखारा स्थित काल एक मंदिर में महंत बताया। पत्र में उन्होंने कहा कि गंभीर शारीरिक विकलांगता और कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। दाहिने पैर का पंजा कटा है। एक कान से सुनाई नहीं देता। आंखें भी कमजोर हो रही हैं। मदद की जरूरत है। अफसरों से सहायता मांगते आ रहे हैं मगर ऐसा हो नहीं रहा। लाचारी और बीमारी से मानसिक रूप से भी टूट चुके हैं। खुद को रामपुर गार्डन का पूर्व निवासी बताते हुए कहा कि परिवार 25 वर्ष पहले छोड़ दिया था। अब कोई अपना नहीं है।
अफसरों से नहीं हो सकी मुलाकात
प्रार्थना पत्र में नीरज गुप्ता ने मदद दिलाने या इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। मंदिर जहां है, वह जगह थाना कैंट क्षेत्र में आती है। नीरज गुप्ता की फिलहाल किसी अफसर से मुलाकात नहीं हो सकी। इस बारे में इंस्पेक्टर कैंट संजय धीर से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जहां शिकायत की गई है, वहीं से जानकारी मिल सकती है।
जानिए क्या कहता है नियम
गाजियाबाद के हरीश राणा की इच्छा मृत्यु एक अलग उदाहरण था। मगर बरेली के रहने वाले महंत नीरज गुप्ता जिन कारणों से इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं, पहले भी लोग इस तरह की मांगे कर चुके हैं। हरीश राणा भी भारत में इच्छा मृत्यु की अनुमति दिए जाने का एक मात्र मामला है। कोर्ट ने जब उन्हें इच्छा मृत्यु की मंजूरी दी तब भी केवल उनका लाइफ सपोर्ट हटाया गया था। सीधे तौर पर किसी इंजेक्शन या अन्य तरीके से इच्छा मृत्यु भारत में गैरकानूनी है।
