वायु प्रदूषण रोकेगा ग्रीनटेक टाॅवर, शुद्ध होगा वातावरण

प्रदेश की पहली कार्बन न्यूट्रल पंचायत बनने को अग्रसर सिद्धार्थनगर की ग्राम पंचायत हसुड़ी औसानपुर

वायु प्रदूषण रोकेगा ग्रीनटेक टाॅवर, शुद्ध होगा वातावरण

सिद्धार्थनगर के भनवापुर ब्लॉक में एयर प्यूरीफायर पर काम शुरू

दिव्यभान श्रीवास्तव, लखनऊ। सिद्धार्थनगर जिले के भनवापुर ब्लॉक के गांव हसुड़ी औसानपुर ने फिर एक कीर्तिमान रचा है। इस बार यह ग्राम पंचायत प्रदेश की पहली कार्बन न्यूट्रल पंचायत बनने की ओर अग्रसर है। ग्राम प्रधान दिलीप त्रिपाठी की दृढ़ इच्छाशक्ति ने फिर जिले का मान प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देशभर में बढ़ाया है।

दरअसल, प्रधान दिलीप ने इस बार वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों में घुलती जहरीली हवा को साफ करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए क्लीन एंड ग्रीनटेक टाॅवर ग्राम पंचायत में लगवाया है। उनका दावा है कि यह ग्रीनटेक टॉवर वायु प्रदूषण को कम ही नहीं, बल्कि खत्म कर देगा। और पूरे गांव को शुद्ध हवा प्रदान करेगा। इस उपलब्धि से ग्रामीणों में खुशी की लहर है।

यह क्लीन एंड ग्रीनटेक टावर एक आउट डोर मास लेवल एयर प्यूरीफायर है। जो प्रतिदिन 9,00,000 क्यूबिक मीटर तक हवा काे फिल्टर करता है। फिल्टर हवा का मतलब है कि इसके सेक्शन पंखे आसपास से हवा खींचते हैं और इसके पेटेंट एसीईएसपी फिल्टर एकत्रित हवा से कार्बन एकत्र करते हैं और दूसरे फिल्टर तक प्रक्रिया चलती रहती हैं जो फिर पीएम 2.5 और पीएम 10 के आकार के धूल कणों को इकट्ठा करते हैं और तीसरे फिल्टर (सक्रिय कार्बन)को पास करते हैं जो फिल्टर की गई हवा से गंध को दूर करता और चौथे फिल्टर को हवा देता है जो यूवी-सी तकनीक द्वारा कीटाणुओं को मारता है।

यह प्रक्रिया प्रतिदिन 9 लाख क्यूबिक मीटर वायु शोधन सुनिश्चित करती है। फिल्ट्रेशन के विभिन्न चरणों के दौरान यह धुंध को कम करता है और आसपास के क्षेत्र में दृश्यता में वृद्धि करता है, जैसा कि हम जानते हैं कि सर्दियों के मौसम के दौरान कभी-कभी 1 मीटर की दृश्यता भी मुश्किल होती है टॉवर हवा को शुद्ध करता है, पौधों के पराग के प्रसार, गंध और वायरल फ्लू संक्रमण को कम करता है।  

15 साल तक मशीन करती है काम

शुद्ध बायोटेक कंपनी के सीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि क्लीन एंड ग्रीन टेकटावर की लाइफ 15 साल तक की होती है। और कंपनी 10 साल की मैन्युफैक्चरिंग वारंटी के साथ 5 साल की अतिरिक्त वारंटी देती है। हमारी मशीन वायु प्रदूषण को कम करने में सक्षम है। इसके अलावा हम और कई बिंदुओं पर काम कर रहे हैं। इस मशीन का खर्च लगभग 12 लाख है, जो कोलकाता की एक फर्म द्वारा यह मशीन निर्मित की जा रही है। 

मुख्यमंत्री ने भी कहा था- वायु प्रदूषण कम करने के स्थायी समाधान खोजें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो महीने पहले समीक्षा बैठक में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए स्थायी समाधान खोजने के निर्देश अफसरों को दिए थे। अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना तैयार करने को कहा था। उद्योगों में क्लीन एनर्जी और बायोमास की आपूर्ति के लिए विशेष ध्यान दिया जाए। इसके अलावा पीएम मोदी ने जोर दिया था कि दुनिया के चार टन प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन की तुलना में भारत का कार्बन फुटप्रिंट 1.5 टन प्रति व्यक्ति है। और अपना भारत अक्षय ऊर्जा प्रणालियों और अन्य विकल्पों को स्थापित कर कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधान को अब तक मिल चुके कई अवॉर्ड

प्रधान दिलीप कुमार त्रिपाठी के कार्यों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2018 को मध्यप्रदेश के मांडला िजले में पंचायती राज दिवस पर उन्हें नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा अवॉर्ड और पंिडत दीनदयाल उपाध्याय सशक्तिकरण पुरस्कार दिया। यह दोनों पुरस्कार िफर 2019 में दिल्ली में केंद्रीय पंचायती राजमंत्री नरेंद्र िसंह तोमर ने िदया। 2020 में िफर पंडित दीनदयाल उपाध्याय सशक्तिकरण पुरस्कार िमला। 2022 को भी नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार िमला। 2021 में मुख्यमंत्री पुरस्कार िमला।

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