Alaya Apartment Collapse: निर्माण के 13 साल बाद ही भरभराकर गिरा अलाया अपार्टमेंट, एलडीए की साख पर भी उठे सवाल

Alaya Apartment Collapse: निर्माण के 13 साल बाद ही भरभराकर गिरा अलाया अपार्टमेंट, एलडीए की साख पर भी उठे सवाल

लखनऊ, अमृत विचार। वजीर हसन रोड पर बिल्डर्स ने 13 साल पूर्व वर्ष 2010 में पांच मंजिलें अलाया होम अपार्टमेंट का निर्माण कराया था। ऐसे में मंगलवार की दोपहर में भूकंप के मामूली झटके के बीच इस भवन का रेत की बिल्डिंग की तरह भरभराकर गिरना, गुणवत्ता पर सवाल उठाता है। वहीं, अपार्टमेंट के भूतल में चोरीछुपे की जा रही खोदाई को भी प्राथमिक तौर पर अपार्टमेंट के जमींदोज होने की वजह बताया जा रहा है।

शहर में तीन मंजिल से ज्यादा ऊंचाई की बिल्डिंगों के निर्माण एवं गुणवत्ता की जांच करनी की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की है। ऐसे में महज 13 साल पहले बनाए गए इस अपार्टमेंट का ढेर होना बिल्डर के साथ ही नियामक संस्थाओं की कार्यशैली का खुलासा करते हैं। बताया जा रहा है कि अलाया होम अपार्टमेंट का निर्माण यजदान बिल्डर ने किया था। 

एलडीए ने पिछले दिनों यजदान बिल्डर्स के प्राग नारायण रोड स्थित अपार्टमेंट को मानकों की अनदेखी की वजह से जमींदोज किया था। जिसे गिराने में भी लापरवाही बरती गई थी। मलबा में बाइक व अन्य सामान दब गया था और लोगों ने हंगामा किया था। आसपास के लोगों के मुताबिक अलाया के बेसमेंट में कई दिन से निर्माण चल रहा था। जहां ड्रिल मशीन और हथौड़े की आवाज सुनाई देती थी। लेकिन, अपार्टमेंट अंदर की तरफ होने के कारण बाहरी लोगों का आनाजाना नहीं था। 

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निर्माण बिना सुरक्षा मानक के चोरी-छिपे कराना बताया गया है। यह भी अपार्टमेंट गिरने की वजह बताई जा रही है। आसपास के लोगों का यह भी कहना है कि दो दिन पहले मजदूरों की संख्या थी बढ़ाई गई थी। अलाया के आसपास कई अपार्टमेंट व मकान बने हैं। जिसके गिरने से आसपास के लोगों को भी खतरा रहा।

नहीं सुधरा एलडीए, हादसे के बाद तलाश रहा मानचित्र
अलाया होम अपार्टमेंट का मानचित्र लविप्रा से स्वीकृत था या नहीं यह अधिकारियों को जानकारी नहीं है। घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे लविप्रा के अधिकारियों को 2009 में भवन के कंपाउंडिंग कराने की जानकारी हुई है। इसके बाद से मानचित्र तलाशने में अधिकारी व कर्मचारी जुट गए हैं। यदि प्राधिकरण ने मानचित्र स्वीकृत किया या पूर्णता प्रमाण पत्र दिया है तो प्रश्नचिन्ह लगते हैं। यदि मानचित्र स्वीकृत नहीं है तो आखिर 12 साल में कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ठीक इसी तरह लेवाना कांड के बाद ही मानचित्र तलाशा गया था।

मलबे में मजदूरों के दबे होने की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अलाया होम अपार्टमेंट तेज धमाके के साथ गिरा है। बाहर खड़े लोगों ने वहां से एक मजदूर को भागते देखा, जिसका सर फटा था। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि मलबे में परिवार के अलावा अन्य मजदूर नीचे दबे हो सकते हैं।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बचाव कार्य में दिक्कत
रेस्क्यू के दौरान बचाव कार्य में टीम को परेशानी का सामना करना पड़ा है। अलाया अपार्टमेंट मुख्य रोड से अंदर की तरफ बना था। जहां बड़े वाहन तो जा सकते थे। लेकिन, मुड़ कर निकल नहीं सकते थे। जबकि आवासीय व व्यवसायिक इमारतें बनाने के दौरान इस तरह के सुरक्षा के मानक देखे जाते हैं।

जी-20 व इन्वेस्टर समिट की तैयारियों में जुटे जिम्मेदार
लखनऊ विकास प्राधिकरण को फरवरी में होने वाले जी-20 सम्मेल व इन्वेस्टर समिट के आयोजन का समन्वयक बनाया गया है। जिसमें अभियंत्रण व अन्य अधिकारी व कर्मचारी एक माह से लगे हैं। इसके अलावा अन्य विभागीय काम नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में लापरवाह अधिकारी व कर्मचारियों को सर्वे, सीलिंग आदि में बहाना मिल गया है। वहीं, अधिकारी तेजी तैयारी वाले स्थानों पर दिखा रहे हैं। जहां से कार्यक्रम में गणमान्य लोगों का आना जाना होगा। उन्हीं स्थानों पर अतिक्रमण हट रहे हैं और अवैध निर्माण सील किए जा रहे हैं। मंगलवार को भी उन्हीं क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। लेकिन, अलाया की घटना होने के कारण जारी नहीं की गई।

अपार्टमेंट की 2009 में कंपाउंडिंग कराने की जानकारी है । मानचित्र स्वीकृत होने की जानकारी की जा रही है। इस मामले की जांच कराई जा रही है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी... ज्ञानेंद्र वर्मा, अपर सचिव, लविप्रा।

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