Budget 2023 Reaction : बजट में पुरानी पेंशन बहाली की उम्मीद टूटी, कर्मचारियो में निराशा
अमृत विचार,लखनऊ। कर्मचारियों के लिए पेंशन कितनी महत्वपूर्ण होती है। इसकी जानकारी कर्मचारियों के द्वारा पुरानी पेंशन बहाली के लिए किये जाने वाले प्रदर्शनों से साफ पता चलता है। बुधवार को केंद्रीय बजट के आने के बाद कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा न होने पर निराशा जताई है। हालांकि इस दौरान फार्मा क्षेत्र को वरीयता दिये जाने पर खुशी जाहिर की है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने केंद्र सरकार के बजट में पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा न किए जाने के कारण बजट को कर्मचारी हितों के प्रतिकूल बताया है । परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा और प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि कर्मचारियों की मांग थी कि पुरानी पेंशन बहाल की जाए ,10 लाख तक की आय तथा पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाए, लेकिन कर्मचारियों की इन मांगों पर बजट में कोई घोषणा नहीं की गई, इसलिए कर्मचारियों के लिए यह बजट आशा के विपरीत रहा है । हालांकि बजट में टैक्स फ्री इनकम को 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख किया जाना थोड़ा राहत जरूर देगा ।
परिषद ने कहा कि मेडिकल रीइंबर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) को टैक्स फ्री किया जाना चाहिए क्योंकि यह किए हुए व्यय की प्रतिपूर्ति है इसलिए यह इनकम का पार्ट नहीं हो सकता । परिषद ने स्थाई रोजगार सृजन की दिशा में कोई योजना ना होने पर भी चिंता व्यक्त की है परिषद के अनुसार निजी करण की योजनाएं कभी भी देश हित में नहीं हो सकती इसलिए सरकार को स्थाई रोजगार की दिशा में बजट बढ़ाना चाहिए ।
इसके अलावा सुनील यादव ने बजट में फार्मा क्षेत्र को वरीयता दिया जाना स्वागत योग्य कदम है, बजट में फार्मा रिसर्च में निवेश को बढ़ाने तथा रिनोवेशन को प्राथमिकता देने की घोषणा वित्त मंत्री द्वारा की गई । इससे रोजगार का सृजन होगा वहीं फार्मा उद्योग और फार्मेसी क्षेत्र के योग्य लोगो की मदद से जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत और विकास करेगा ।
कुल वैश्विक फार्मास्युटिकल निर्यात के 20 प्रतिशत हिस्से के साथ भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता है । मात्रा के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन आपूर्तिकर्ता भी है इसलिए भारत को फार्मा हब के रूप में विकसित किया जाना चाहिए ।
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