कुशीनगर में बनेगी अत्याधुनिक केला टिशू कल्चर लैब, 4.01 करोड़ रुपये स्वीकृत

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Published By Deepak Mishra
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कुशीनगर। उत्तर प्रदेश सरकार कृषि एवं बागवानी को बढ़ावा देने के तहत कुशीनगर जिले के कसया स्थित राजकीय आलू फार्म पर अत्याधुनिक 'केला टिशू कल्चर लैब' की स्थापना करने जा रही है। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जारी बयान में बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस परियोजना के लिये कुल 401.75 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसमें 223.54 लाख रुपये निर्माण कार्य तथा 178.21 लाख रुपये मशीनरी एवं उपकरणों के लिए निर्धारित किए गए हैं। 

मंत्री ने बताया कि लैब स्थापित होने से क्षेत्र के केला उत्पादक किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले रोगमुक्त टिशू कल्चर पौधे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे। इससे किसानों की उत्पादन लागत घटेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। अभी तक उन्नत पौधों के लिए किसानों को अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे परिवहन लागत बढ़ने के साथ पौधों के खराब होने का जोखिम भी रहता था। 

यह लैब वैज्ञानिक पद्धति से केले की खेती को बढ़ावा देगी और निर्यात योग्य गुणवत्ता की फसल तैयार करने में सहायक होगी। इससे 'एक जनपद एक उत्पाद' (ओडीओपी) अभियान को भी गति मिलेगी। परियोजना के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त कसया में ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पोटैटो के अतिरिक्त घटकों के लिए 70.86 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार कुल 472.61 लाख रुपये की संयुक्त वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। 

कृषि मंत्री ने कहा कि यह लैब तकनीकी हस्तांतरण का केंद्र भी बनेगी, जहां किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। लैब से तैयार पौधे कीट एवं रोगों के प्रति सहनशील होंगे, जिससे कीटनाशकों पर खर्च कम होगा और किसानों की शुद्ध आय में वृद्धि होगी। सरकार का यह प्रयास कुशीनगर को केले के उत्पादन एवं प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

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