IIT कानपुर और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा के बीच करार : शैक्षणिक और शोध सहयोग के लिए हुआ समझौता

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

कानपुर, अमृत विचार। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर और कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस समझौते के तहत शैक्षणिक और शोध सहयोग स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही वैश्विक जनस्वास्थ्य और संबंधित डीप-टेक क्षेत्रों में भी सहयोग किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस समझौते से स्वास्थ्य संबंधी कई शोध कार्य को बल मिल सकेगा।

एमओयू के दौरान कनाडा से आए प्रतिनिधिमंडल में विश्वविद्यालय के शीर्ष शैक्षणिक और स्वास्थ्य विज्ञान नेतृत्व से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इनमें डॉ. माइकल बेनारोच (अध्यक्ष एवं कुलपति), डॉ. पीटर निकर्सन (अधिष्ठाता, रेडी फैकल्टी ऑफ हेल्थ साइंसेज), डॉ. जोसे जी. लावोई (अधिष्ठाता, कॉलेज ऑफ कम्युनिटी एंड ग्लोबल हेल्थ),  डॉ. जेम्स ब्लैंचर्ड (कार्यकारी निदेशक, इंस्टिट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ) तथा डॉ. मारिसा बेकर (निदेशक, टेक्निकल कोलैबोरेशंस, इंस्टिट्यूट फॉर ग्लोबल पब्लिक हेल्थ की मौजूदगी रही।

इस दौरान आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की शैक्षणिक एवं शोध क्षमताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आगामी गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज और टेक्नॉलजी और कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी सहित प्रमुख सुविधाओं को बताया।

इसके अलावा मेडटेक क्षेत्र में आईआईटी कानपुर की बढ़ती नेतृत्व भूमिका पर चर्चा की। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय संबंधों की अधिष्ठाता प्रो. बुशरा अतीक ने आईआईटी कानपुर की विस्तारित वैश्विक साझेदारियों का विवरण प्रस्तुत किया और दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग के संभावित मार्गों पर चर्चा की। स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के प्रोफेसर इनचार्ज प्रो. दीपू फिलिप ने बताया कि किस प्रकार यह स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान हेतु मेडटेक नवाचारों को आगे बढ़ा रहा है।

चर्चाओं का केंद्र संस्थागत संबंधों को मजबूत करना और वैश्विक जनस्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, डेटा विज्ञान, आर्टफिशल इन्टेलिजन्स, स्वास्थ्य-उन्मुख मेडटेक तथा मेडिकल डिवाइस क्षेत्रों में संयुक्त शोध को बढ़ावा देना रहा। दोनों संस्थानों के बीच व्यापक शैक्षणिक और शोध सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते के तहत साझा शैक्षणिक कार्यक्रमों और पाठ्यक्रमों का विकास, शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के लिए संकाय गतिशीलता, छात्रों के अध्ययन और शोध आदान-प्रदान, तथा संयुक्त शोध, प्रकाशन और संगोष्ठियों जैसे शैक्षणिक आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा। साझेदारी में डिजिटल तकनीक, डेटा विज्ञान, स्वास्थ्य मेडटेक और मेडिकल डिवाइस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

संबंधित समाचार