SIR: जिले में 3.5 लाख मतदाताओं की खंगाली जाएगी कुंडली, नौ मैपिंग से मतदाता की आसान होगी जांच

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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राजेंद्र कुमार पांडेय/ अयोध्या, अमृत विचार। जिले में नए सिरे से लगभग 3.50 लाख मतदाताओं की कुंडली खंगाली जाएगी। यह एसआईआर में मैपिंग करा चुके मतदाता है। इनकी मैपिंग करने वाले रिश्तों की जांच के जरिए आयोग सच्चाई जानना चाहता है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इनकी सुनवाई के लिए 70 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की सूची आयोग को भेजी गई है। आयोग से अनुमोदन के बाद सुनवाई शुरू होने की उम्मीद है।

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता बने रहने के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की व्यवस्था की गई थी। फॉर्म के साथ दादा-दादी, नाना-नानी के साथ अन्य रिश्ते के लोगों की वोटर आईडी नंबर के साथ उनका विवरण भरा गया था। अब ऐसे जिले में 3,56,627 ऐसे मतदाता चिंहित किए गए हैं। जिन पर शक की गुंजाइश बन रही है। आयोग इनकी कुंडली खंगाल कर सच जानना चाहता है। जिससे मतदाता सूची की शुद्धता पर अंगुली न उठ सके।

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी उदय राज पांडेय ने बताया कि निर्वाचन आयोग से लगभग साढ़े तीन लाख लॉजिकल डिस्पेंसीज मतदाता चिंहित किए गए हैं। यह मैपिंग मतदाता हैं। आयोग से कई चिंहित बिंदु हैं। जिन पर इनकी सुनवाई का प्रस्ताव है। इसके लिए अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती का प्रस्ताव आयोग को भेजा गया है।

ताकि मतदाता सूची की शुद्धता पर न उठ सके सवाल

मतदाताओं में बहुत से ऐसे मतदाता मिले हैं जिनकी मैपिंग करने वाले दादा-दादा, नाना-नानी जैसे रिश्तों के लोगों और मतदाता की उम्र में महज 10 से 15 साल की अंतर मिला। बाबा-नाती, पिता-पुत्र आदि की उम्र में 10 से 15 साल के अंतर को आयोग तर्क संगत नहीं मानता। पिता-पुत्र, दादा-दादी से उम्र का अंतर इतनी नहीं हो सकता। इसी तरह आयोग ने एक परिवार की यूनिट को छह की संख्या में मान रहा है। बहुत से ऐसे मतदाता भी चिंहित किए गए जिन्हें मैप करने वाले रिश्ते के एक ही व्यक्ति से किया गया है। इसी तरह की पांच से छह बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच के लिए मतदाताओं की यह सूची तैयार की गई है।

नौ मैपिंग मतदाता से आसान होगी जांच

-इस सूची के मतदाताओं को लॉजिकल डिस्पेंसीज के तहत रखा गया है। इनकी जांच और सुनवाई नो मैपिंग मतदाताओं से आसान होगी। नो मैपिंग मतदाताओं को मैप के लिए व्यक्तिगत अभिलेख देने थे लेकिन इसमें मैप करने वाले से जरूरत पर रिश्ते को साबित करने भर के कागज देने होंगे।

कैसे खंगाली जाएगी कुंडली

अतिरिक्त एआरओ की तैनाती के बाद इस सूची में शामिल मतदाताओं के लिए भी नोटिस जनरेट की जाएगी। बीएलओ इनकी पड़ताल के लिए उनके घर जाएंगे। इसी दौरान वह मतदाता के साथ मैपिंग करने वाले रिश्ते की जांच भी कर लेगा। संतुष्टि होने या न होने की स्थिति में सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। संबंधित एआरओ मतदाता से बातचीत करके या फिर रिश्ते से संबंधित कागज देखने पर जांच पूरी जांच जाएगी।

एसआईआर के पहले कुल मतदाता-19.07 लाख

एसआईआर में हटे मतदाता-3.37 लाख

एसआईआर के बाद रजिस्टर्ड मतदाता-15.70 लाख

नो मैपिंग मतदाता-12,91,555 मतदाता

लॉजिकल डिस्पेंसीज मतदाता-3,56,637

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