प्रवर्तन निदेशालय ने की धन शोधन मामले में संजय भंडारी की संपत्ति कुर्क 

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नई दिल्ली। 'प्रवर्तन निदेशालय' (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने कथित बिचौलिये और हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ 'धन शोधन' मामले की जांच के सिलसिले में दिल्ली में स्थित साढ़े चार करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की है। ईडी ने बताया कि 'धनशोधन रोकथाम अधिनियम' (पीएमएलए) के तहत संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया था।

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उन्होंने बताया कि मामला 2009 में भारतीय वायु सेना के लिए 75 पिलाटस बेसिक ट्रेनर' विमानों की खरीद के कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है। ईडी ने एक बयान में कहा कि संपत्ति 'शरण स्वधा एलएलपी' की है, जो बिमल सरीन और उनकी पत्नी के स्वामित्व वाली इकाई है। सरीन को भंडारी का 'साझीदार' बताया जाता है।

वर्तमान में भंडारी ब्रिटेन में है। ब्रिटेन के गृहमंत्री ने इस साल जनवरी में भंडारी को भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश दिए थे ताकि वह धनशोधन और कर चोरी के मामलों में ईडी और आयकर विभाग द्वारा उसके खिलाफ की जा रही जांच में आरोपों का सामना कर सके। ईडी ने जांच में पाया, "संजय भंडारी ने अपने साथी बिमल सरीन और अन्य के साथ मिलकर स्विट्जरलैंड की कंपनी 'पिलाटस एयरक्राफ्ट लिमिटेड' से भारतीय वायु सेना को 75 बुनियादी ट्रेनर विमानों की आपूर्ति का अनुबंध कराने के लिए आपराधिक साजिश रची।"

भंडारी पर विदेशी संपत्तियों को छुपाने, पिछली तारीख वाले दस्तावेजों का उपयोग करने और कर विभाग के समक्ष घोषित नहीं की गई संपत्तियों से लाभ उठाने, प्राधिकारों को विदेश में कोई संपत्ति नहीं होने की झूठी जानकारी देने जैसे कई आरोप हैं। उसने हालांकि इन आरोपों का खंडन किया है।

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