हल्द्वानी: गौला नदी में फिर से खनन के लिए बनाई गई सर्वे समिति 

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में खनन की अवधि बढ़ने के साथ उपखनिज के नये आकलन के लिए एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति 3 दिनों में रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

गौला नदी में 31.74 लाख घनमीटर उपखनिज निकासी का लक्ष्य निर्धारित था। जो 26 मई को पूरा हो गया था। संभावना जताई जा रही थी कि शनिवार से गौला नदी में फावड़े बेल्चों की खन-खन बंद हो जाएगा। शासन ने बीते गुरुवार को गौला नदी में 30 जून तक खनन के आदेश दे दिए हैं। नदी से उपखनिज निकासी का लक्ष्य पूरा हो चुका है।

ऐसे में बढ़ाई गई अवधि में खनन की मात्रा का आकलन करने के लिए शासन स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक एसएल पैट्रिक को अध्यक्ष, एडीएम वित्त एवं राजस्व शिव चरण द्विवेदी, जिला खान अधिकारी  राजपाल लेघा, तराई पूर्वी डीएफओ संदीप कुमार, रामनगर डीएफओ कुंदन कुमार, नैनीताल डीएफओ चंद्रशेखर जोशी सिंचाई विभाग के ईई केएस बिष्ट को सदस्य बनाया गया है। यह समिति 3 दिनों में सर्वे पूरा करने के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर खनन किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि यह समिति शनिवार को गौला नदी में सर्वे कर सकती है।

24x7 वन विभाग करेगा निगरानी 
गौला नदी में शुक्रवार को खनन समाप्त हो गया है। नदी में खनन  समाप्त होने के बाद रेता-बजरी की चोरी रोकने के लिए रास्ते खोद दिए जाते हैं लेकिन नदी में 30 जून तक की अवधि बढ़ गई है। ऐसे में उपखनिज आकलन की सर्वे रिपोर्ट आने तक वन विभाग की निगरानी बढ़ गई है। 


गौला नदी में शुक्रवार को उपखनिज निकासी का निर्धारित लक्ष्य पूरा हो गया है। अब शासन ने अवधि 30 जून तक बढ़ा दी है इसलि उपखनिज निकासी गेटों के रास्ते बंद नहीं किए जाएंगे। अवैध खनन रोकने को गश्त बढ़ा दी गई है। नियमित निगरानी होगी। 
चंदन सिंह अधिकारी, रेंजर गौला, तराई पूर्वी वन डिवीजन

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