बहराइच: शासकीय पत्र को कोतवाल ने रद्दी की टोकरी में डाला, नौ दिन बाद भी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा

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Published By Deepak Mishra
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जरवल, बहराइच। एडीओ पंचायत के अभिलेख उपलब्ध न कराने से जांच प्रक्रिया बाधित होने पर प्रभारी निरीक्षक कैसरगंज को पत्र लिखकर सेक्रेटरी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया गया था। नौ दिन बाद भी कैसरगंज पुलिस ने शासकीय पत्र पर मुकदमा दर्ज करने के बजाय रद्दी टोकरी में डाल दिया है।

शासकीय पत्र पर सम्बंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करने वाले कैसरगंज कोतवाल पर विभाग क्या कार्यवाही करता है। जरवल विकास खण्ड के गण्डारा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत करते हुए जांच एवं कार्यवाही की मांग की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर दो सदस्यीय जांच कमेटी बनायी गयी थी।जांच कमेटी ने खण्ड विकास अधिकारी जरवल को पत्र भेजकर जांच से सम्बंधित अभिलेख उपलब्ध का अनुरोध किया था।

 

अभिलेख न मिलने पर नामित जांच अधिकारी ने अभिलेख प्राप्त नहीं होने की शिकायत की। विभागीय जांच से स्पष्ट हुआ कि तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव सुनील कुमार वर्मा ने चार्ज के समय अभिलेख उपलब्ध नही कराए थे। 

डीपीआरओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत जरवल बृजेश सिंह ने तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव गण्डारा सुनील कुमार वर्मा के विरुद्ध चार्ज हस्तगत न करने के कारण उप्र पंचायत राज अधिनियम 1947 की चारा-14 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए 26 अगस्त को प्रभारी निरीक्षक कैसरगंज को शासकीय पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया। 

नौ दिन बाद भी कैसरगंज पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज नही किया है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कैसरगंज राजनाथ सिंह को फोन किया गया ,लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

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