हल्द्वानी: कैसे होगी रिकवरी, अब्दुल मलिक का घर नजूल भूमि पर तो शिक्षण संस्थाएं ट्रस्ट के नाम 

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। बनभूलपुरा दंगे के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक की आरसी तो काट दी गई है लेकिन प्रशासन के लिए वसूली करना उतना ही मुश्किल हो रहा है जितना पुलिस के लिए मलिक को पकड़ना है। अब प्रशासन वसूली के लिए मलिक की अचल संपत्ति और बैंक खातों की जानकारी जुटा रहा है।

नगर निगम ने बीती  8 फरवरी को कंपनी बाग, बनभूलपुरा में हुए बवाल में अब्दुल मलिक को मुख्य आरोपी मानते हुए नगर निगम की जेसीबी, वाहनों व अन्य उपकरणों की क्षतिपूर्ति के लिए 2.44 करोड़ की आरसी काटी थी। जिला प्रशासन ने इसकी संस्तुति करते हुए तहसील को भेजी। बीते गुरुवार को आरसी हल्द्वानी तहसील पहुंच गई।

शुक्रवार को साइटेशन काट दिया गया। वहीं, तहसील प्रशासन ने वसूली के लिए चल-अचल संपत्ति की जांच शुरू की। पुलिस पूर्व में ही अब्दुल मलिक की चल संपत्ति कुर्क कर चुकी है, इसलिए तहसील प्रशासन ने अचल संपत्ति कुर्की की योजना बनाई। जब उसकी  संपत्ति की जांच की गई तो तहसील प्रशासन के अधिकारी दंग रह गए। उसकी आजाद नगर लाइन नंबर-8 स्थित आलीशान कोठी भी नजूल भूमि पर बनी हुई है।

इस भूमि को फ्रीहोल्ड नहीं कराया गया है। मलिक के जितने भी शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, सभी मरियम ट्रस्ट के नाम से संचालित हो रहे हैं। मलिक के नाम कोई भी वैध अचल संपत्ति नहीं मिल सकी है। ऐसे में प्रशासन को समझ नहीं आ रहा है कि मलिक से वसूली कैसे की जाए।

अब प्रशासन मलिक की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों की जानकारी लेने में जुट गया है। यदि कोई वैध संपत्ति, बैंक खाते मिलते हैं तो वसूली की जाएगी।

इधर, शुक्रवार को तहसील में साइटेशन काटने के बाद आरसी तामील कराने के लिए अमीन मलिक के लाइन नंबर-8 स्थित मकान पहुंचे लेकिन वह नहीं मिला। सूत्रों की मानें तो नियमानुसार 7 दिन की मोहलत दी जाती है यदि फिर भी संबंधित व्यक्ति नहीं मिलता है तो नोटिस चस्पा किया जाता है। 

अब्दुल मलिक का साइटेशन काट दिया गया है। तहसील प्रशासन मलिक की चल अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटा रहा है। संपत्तियों के मिलने के बाद ही वसूली की कार्रवाई की जाएगी। 
= परितोष वर्मा, एसडीएम हल्द्वानी


  

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