शाहजहांपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना में खेल! 247 अपात्रों को दिया लाभ...6 महीने में सिर्फ 16 लोगों से वसूली

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Edited By Amrit Vichar
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शाहजहांपुर, अमृत विचार। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ लेने वाले अपात्रों से प्रशासन पैसे की वसूली नहीं कर पा रहा है। कुल 247 लोगों से 98,80,000 रुपये की वसूली की जानी है और छह महीने में सिर्फ 16 लोगों से ही 6,40,000 रुपये की वसूली हो सकी है। जबकि 231 लोगों से 92,40,000 रुपये की वसूली बाकी है। इनमें तमाम ऐसे हैं जो घरों पर ही नहीं मिल रहे हैं। कोई दिल्ली चला गया है तो कोई मुंबई में मजदूरी कर रहा है। ऐसे में पैसे की वसूली चुनौती बनी हुई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गांव में बेघरों के लिए घर बनाने की केंद्र सरकार की योजना है। इसके तहत गरीब लोगों को सरकार की ओर से 40, 70 और 10 हजार रुपये की तीन किस्तों में मकान बनाने के लिए कुल एक लाख 20 रुपये दिए जाते हैं। अब तक इस योजना के तहत जिले के 70,884 लोगों को लाभ के लिए पात्र चुना जा चुका है। पात्रता सूची में नाम आने और पहली किस्त का पैसा जारी होने के बाद भी 247 लोग अपात्र निकले हैं। इनको पहली किस्त जारी होने के बाद जांच कराई गई तो पता चला कि 247 अपात्रों को पात्र बनाकर पैसा जारी किया गया है। इसके बाद विकास विभाग में खलबली मच गई।

सभी को यह सोच कर आश्चर्य हुआ कि एक-दो नहीं बल्कि 247 अपात्रों का चयन किया जा चुका है। कुल 98 लाख 80 हजार रुपये अपात्रों के खाते में पहुंच चुके है। जांच में खुलासा होने के बाद प्रशासन की ओर से तय किया गया कि इनसे पैसे की रिकवरी की जाए। लगभग छह महीना पहले अपात्रों को रिकवरी का नोटिस जारी किया गया और तभी से इनसे पैसा वसूली की कार्रवाई चल रही है, लेकिन यह कार्रवाई अभी किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। रिकवरी अब तक मात्र 16 लोगों पर ठिठकी हुई है। तमाम प्रयासों के बाद भी अब तक सिर्फ छह लाख 40 हजार रुपये ही वसूले जा सके हैं। शेष लोग अब भी सरकारी पैसा गबन किए हैं।

अब तक नौ सचिवों पर कार्रवाई
अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने में अब तक नौ सचिवों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। कुछ को निलंबित किया गया है तो कुछ का तबादला किया गया है। कुछ पर अन्य कार्रवाई की गई है। इसके बाद भी लगातार पीएम आवास अपात्रों को दिए जाने के आरोप लगते रहते हैं। बीते दिनों तिलहर विधायक सलोना कुशावाहा ने विधान सभा में अपात्रों को पीएम आवास दिए जाने का मुद्दा उठाया। अन्य जनप्रतिनिधि भी कई बार पीएम आवासों को लेकर मुद्दा उठा चुके हैं। इसके बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं हो पा रहा है। पात्रता तय करने वाले सचिवों की भूमिका आज भी सवालों में है।

डेढ़ साल पहले पीएम आवास अपात्रों को दिए जाने का प्रकरण आया था। जिसके बाद कई सचिवों पर कार्रवाई की जा चुकी है। अपात्रों से पैसे की वसूली की कार्रवाई चल रही है। -अवधेश राम, पीडी डीआरडीए

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