पश्चिमी यूपी में झमाझम बारिश से पूर्वांचल में नदियों का बढ़ा जलस्तर, जलभराव और बाढ़ की आशंका
-अगले 48 घंटे लखनऊ समेत 36 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा का बढ़ा जलस्तर -मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर समेत बरेली व मुरादाबाद मंडल में मानसून मेहरबान, शहरों में जलभराव
लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरे रंग में लौट आया है। पश्चिमी यूपी में हो रही झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित होने के साथ तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिली है। वहीं, पूर्वांचल में पहाड़ों से आ रहे पानी के कारण गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए लखनऊ समेत प्रदेश के 36 जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है, जबकि शासन ने बाढ़ संभावित इलाकों में जिला प्रशासन को निगरानी और सतर्कता के निर्देश दिए हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे धान, गन्ना, मक्का और दलहनी फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बरेली व मुरादाबाद मंडल के कई शहरों में निचले इलाकों में जलभराव और धीमी यातायात व्यवस्था ने लोगों की परेशानी भी बढ़ा दी। लखनऊ, कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को कई जिलों में झमाझम बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली। मौसम विभाग ने पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के साथ प्रदेश के 36 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से दशाश्वमेध घाट की तीन सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। हालांकि गंगा अभी खतरे के निशान से करीब 11.90 मीटर नीचे बह रही है। प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पानी घाटों पर बनी दुकानों तक पहुंच गया है। मथुरा में यमुना चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई है। वृंदावन के केशीघाट की सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं और नदी चेतावनी बिंदु से करीब 1.30 मीटर नीचे बह रही है।
पूर्वांचल में घाघरा की कटान से दहशत
पूर्वांचल में घाघरा नदी का बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। बलिया के बांसडीह क्षेत्र में नदी के तेज कटान से हालात गंभीर हो गए हैं। कटान की जद में आने के डर से करीब 150 परिवार अपने पक्के मकान तक तोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। प्रशासन लगातार तटबंधों की निगरानी कर रहा है और राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अयोध्या में सरयू उफान पर
अयोध्या में सरयू नदी तेजी से चेतावनी स्तर की ओर बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 40 सेंटीमीटर बढ़कर 91.39 मीटर पहुंच गया है, जो चेतावनी बिंदु 91.73 मीटर से महज 34 सेंटीमीटर नीचे है। यदि जलस्तर बढ़ने की वर्तमान रफ्तार बनी रही तो अगले 24 घंटे में सरयू चेतावनी स्तर पार कर सकती है। इसे देखते हुए तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है और प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं।
एक घंटे जोरदार बारिश से गर्मी से मिली राहत
राजधानी में गुरुवार को एक घंटे की जोरदार बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई तेज बारिश 8 बजे तक जारी रही। दिन भर बादल छाए रहे और शाम के समय फिर बारिश शुरू हो गई। सुबह एक घंटे की तेज बारिश से शहर के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव हो गया। जानकीपुरम, गोमती नगर, ऐशबाग, मवइया और केकेसी अंडरपास सहित शहर के निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश से पारा गिर गया और मौसम सुहावना हो गया।
शहर के कई इलाकों में सड़कों पर हो गया जलभराव
अधिकतम तापमान करीब 2.7 डिग्री सेल्सियस गिरकर 33.6 डिग्री पहुंच गया वहीं न्यूनतम तापमान भी करीब 2 डिग्री सेल्सियस गिरकर 26.2 डिग्री पहुंच गया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के करीब पहुंच गए। सुहावने मौसम का मजा लेने के लिए लोग घूमने निकल पड़े। गोमती रिवर फ्रंट, 1090 चौराहा, चटोरी गली, जनेश्वर मिश्र पार्क, लोहिया पार्क, चिड़ियाघर, बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा सहित अन्य पार्कों में लोग परिवार के साथ उमड़ पड़े। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी बादल छाए रहेंगे। 2 से 3 चरणों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। साथ ही मौसम विभाग ने तूफान की चेतावनी दी है।
