मिर्जापुर के मां काली खोह मंदिर के विकास को मिली रफ्तार, 49.83 करोड़ की परियोजना मंजूर; श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

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Edited By Anjali Singh
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मिर्जापुर के प्रसिद्ध त्रिकोण परिक्रमा पथ के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शासन ने प्रथम चरण के अंतर्गत मां काली खोह मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए 49.83 करोड़ रुपये (4983.10 लाख रुपये) की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन और यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

धर्मार्थ कार्य विभाग के अनु सचिव राजमन सरोज द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मिर्जापुर के त्रिकोण परिक्रमा पथ के विकास की व्यापक योजना के तहत मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजा और मां काली खोह मंदिरों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हालांकि, पहले चरण के घटक 'ख-2' में फिलहाल केवल मां काली खोह मंदिर के विकास कार्य को मंजूरी दी गई है।

परियोजना के लिए 4983.10 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई है। साथ ही, कार्यों की शुरुआत के लिए पहली किश्त के रूप में 1518.23 लाख रुपये जारी किए जाने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किए जा सकें।

सरकार का उद्देश्य मां काली खोह मंदिर परिसर को अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाना है, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही मिर्जापुर के प्रसिद्ध त्रिकोण परिक्रमा पथ को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी यह परियोजना अहम मानी जा रही है।

इस पहल से न केवल मंदिर परिसर के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि बेहतर सुविधाओं के विकास से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिलेगी।

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