Bareilly News : बरेली मंडल में भारी बारिश से नदियां उफनाईं, बाढ़ अलर्ट जारी
बरेली में रामगंगा, बदायूं में गंगा, पीलीभीत में शारदा, शाहजहांपुर में गर्रा का जलस्तर बढ़ा, तटीय इलाकों में खतरा बढ़ा
बरेली, अमृत विचार। पहाड़ों से लैकर मैदान तक हो रही भारी बारिश से बरेली मंडल में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रामगंगा, गंगा, शारदा और गर्रा नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। नरौरा और बनवसा बैराज से पानी छोड़े जाने की वजह से गंगा व शारदा मैदान क्षेत्र में तेजी से कटान कर रही हैं। आशंका जताई गई कि अगर इसी तरह से बारिश जारी रही तो अगले कुछ दिन में मंडल में कई तटीय इलाके बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
हालात देखते हुए मंडल प्रशासन ने सभी जिलों में सिंचाई, राजस्व, पुलिस, खाद्य रसद सहित सभी सम्बंधित विभागों को बाढ़ की आशंका के चलते राहत-बचाव के लिए हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। बरेली मंडल के कमिश्नर भूपेन्द्र एस चौधरी ने सभी जिलाधिकारियों को हालात पर निगरानी करते रहने को कहा है। सभी उपजिलाधिकारियों को बाढ़ आशंकित क्षेत्रों का दौरा कर नदियों के तटीय इलाकों के आसपास रहने वालों को सचेत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बरेली में मुहाने तोड़ रही रामगंगा, मीरगंज क्षेत्र में सतर्कता
भारी बारिश की वजह से बरेली में रामगंगा नदी मीरगंज, सीबीगंज, कैंट, फरीदपुर इलाकों में मुहाने तोड़ती दिख रही है। पिछले कई साल से बारिश के मौसम में नदी में आई बाढ़ तटीय क्षेत्रों में खास नुकसान पहुंचाती रही है। डीएम अविनाश सिंह पहले ही बाढ़ की आशंका को देखते हुए राहत-बचाव कार्य की समीक्षा कर चुके हैं। बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों तक पर्याप्त मात्रा में राशन, पानी, दवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी जरूरी तैयारियां बरेली प्रशासन कर चुका है। डीएम के निर्देश पर बाढ़ चौकियों पर स्टाफ पहले ही मुस्तैद है और नदी के जलस्तर पर की निगरानी में जुटा है। एक्सईएन, बाढ़ खंड नीरज कुमार ने ‘अमृत विचार’ को बताया कि तीन से चार दिन तक यदि पहाड़ों पर बर्फबारी व बारिश का सिलसिला जारी रहा तो रामगंगा व अन्य नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। बाढ़ से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए जा चुके हैं।

नरौरा से छोड़ा 21.5 हजार क्यूसेक पानी, गंगा उफनाई
बदायूं ब्यूरो के अनुसार, बुलंदशहर के नरौरा बैराज से गंगा में 21 हजार 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो गुरुवार को सहसवान की महावा नदी से होता हुआ कछला घाट तक आ पहुंचा। जलस्तर बढ़ने के बाद गंगा अभी जलस्तर 10660 मीटरगेज पर दिख रही है। बारिश इसी तरह जारी रही तो नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर जा सकता है। इससे बदायूं के कई इलाकों में बाढ़ के हालात बन सकते हैं। एई बाढ़ खंड नेशपाल ने बताया कि नरौरा बैराज से पानी डिस्चार्ज किया गया है। जलस्तर की लगातार निगरानी जारी है।

शारदा का फिर विकराल रूप, खतरे में कई तटीय इलाके
पीलीभीत ब्यूरो से खबर है कि भारी बारिश से शारदा नदी फिर रौद्र रूप दिखा रही है। सुबह बनबसा बैराज से 43368 क्यूसेक पानी शारदा नदी में छोड़ा गया है। इससे नदी के जलस्तर में अचानक तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है और जिले में पूरनपुर, कलीनगर क्षेत्र के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। नदी का बहाव बहुत तेज है और तेजी से मिट्टी का कटान होता नजर आ रहा है। एडीएम वित्त प्रसून द्विवेदी ने बताया कि नदियों के जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। अगले 24 घंटे भी भारी बारिश की संभावना है।

सूखी गर्रा नदी में अचानक पानी बढ़ा, टेंशन में शाहजहांपुर
शाहजहांपुर ब्यूरो के मुताबिक, कुछ दिन पहले तक सूखी नजर आ रही गर्रा नदी में अचानक पानी बढ़ गया है। यह नदी शाहजहांपुर शहर को कई बार बाढ़ के मंजर दिखा चुकी है। गर्रार का जलस्तर बढ़ने से शहर टेंशन में आ गया है। जिले रामगंगा, व खन्नौत नदी के वाटर लेवल भी तेजी से ऊपर जा रहा है। इसे देखते हुए शाहजहांपुर प्रशासन सतर्क हो गया है। रामगंगा नदी डबरी घाट पर 0.110, गर्रा 0.150 व खन्नौत का 0.600 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। शाहजहांपुर में गर्रा नदी की बाढ़ बड़े नुकसान का कारण बनती रही है। पिछला रिकॉर्ड देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी में जुटा है।
