मेरठ बॉर्डर पर भारी बवाल! सिवाया टोल प्लाजा पर रोके गए सांसद चंद्रशेखर आजाद, छावनी में बदला इलाका
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को मेरठ पहुंचने पर सिवाया टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। वह ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे थे। मौके पर भारी पुलिस बल और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
मेरठ/ डिजिटल डेस्क: आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद को शुक्रवार दोपहर मेरठ पहुंचने पर सिवाया टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। वह ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए जा रहे थे। उनके पहुंचने से पहले ही प्रशासन ने टोल प्लाजा पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर दिए थे।
सिवाया टोल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
चंद्रशेखर आजाद के आगमन को देखते हुए सिवाया टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर टोल की कुछ लेन बंद कर दीं और वाहनों का आवागमन केवल एक लेन से कराया गया।
मौके पर पुलिस अधीक्षक (देहात) अभिजीत कुमार, पुलिस अधीक्षक (यातायात) राजेश कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (नगर) बृजेश सिंह समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा कई थानों की पुलिस और त्वरित प्रतिक्रिया बल (QRT) भी तैनात किया गया।
'मैं केवल पीड़ित परिवार से मिलने आया हूं'
पुलिस द्वारा रोके जाने पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पीड़ित परिवार से मिलकर उनका हालचाल जानना और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़ा होना है। उन्होंने कहा कि वह आंदोलन कर रहे लोगों से भी मुलाकात करेंगे।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों के साथ मारपीट और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार जैसी घटनाएं गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा और भविष्य में इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
समर्थकों की भीड़, प्रशासन सतर्क
चंद्रशेखर आजाद के समर्थन में बड़ी संख्या में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ता सिवाया टोल प्लाजा पर पहुंचे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की।
भूनी टोल पर भी सघन जांच
सरूरपुर क्षेत्र के भूनी टोल प्लाजा पर भी पुलिस ने विशेष जांच अभियान चलाया। चारपहिया और दोपहिया वाहनों की तलाशी ली गई तथा संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। प्रशासन का मानना है कि बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है।
मुख्य आरोपी के भाई पर विभागीय कार्रवाई
उधर, मामले में मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी के पीएसी में तैनात कांस्टेबल भाई अंकित को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की विभागीय जांच पुलिस अधीक्षक (नगर) विनायक गोपाल भोसले को सौंपी गई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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