Mayawati News : मायावती की समर्थकों से अपील, आंबेडकर के रास्ते पर चलें, वोट की ताकत से हासिल करें सत्ता की 'मास्टर चाबी'
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने समर्थकों से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बताए संवैधानिक और शांतिपूर्ण मार्ग पर चलने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित, दलित और कमजोर वर्गों को अपनी समस्याओं का समाधान कानून के दायरे में रहकर करना चाहिए और अपनी एकता तथा वोट की ताकत के बल पर सत्ता की "मास्टर चाबी" अपने हाथ में लेनी चाहिए।
शुक्रवार को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मायावती ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से अनुसूचित जाति, पीड़ित और कमजोर वर्गों को कई महत्वपूर्ण कानूनी और संवैधानिक अधिकार दिलाए। इन अधिकारों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब ये वर्ग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी राजनीतिक भागीदारी मजबूत करेंगे और सत्ता में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि बसपा लगातार इसी उद्देश्य के लिए कार्य कर रही है और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों को विधानसभा, लोकसभा और निकाय चुनावों में पूरी सतर्कता और जागरूकता के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कानून हाथ में न लेने की दी सलाह
बसपा प्रमुख ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का रास्ता दिखाया, लेकिन कभी भी कानून हाथ में लेने की बात नहीं कही। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद या अन्याय की स्थिति में संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। यदि निचली अदालत से न्याय नहीं मिले तो उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक कानूनी लड़ाई लड़ी जा सकती है। मायावती ने कहा कि संघर्ष हमेशा कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए और हिंसा या अव्यवस्था से किसी भी वर्ग का हित नहीं होता।
राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोगों को भड़काने वालों से सावधान रहने की अपील
मायावती ने बिना किसी दल का नाम लिए राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कई संगठन और राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए दलित, पीड़ित और कमजोर वर्गों के लोगों को सड़क पर उतरने और प्रदर्शन करने के लिए उकसाते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पहले लोगों को आंदोलन के लिए प्रेरित किया जाता है और बाद में उनके नेता घटनास्थल पर पहुंचकर केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करते हैं। इससे पीड़ितों को न्याय मिलने के बजाय उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं।
'वोट की ताकत ही सबसे बड़ा हथियार'
बसपा सुप्रीमो ने अपने संबोधन में दोहराया कि समाज के वंचित वर्गों की सबसे बड़ी ताकत उनका वोट है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर के बताए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रास्ते पर चलते हुए अपनी एकता बनाए रखें और मतदान की शक्ति के जरिए सत्ता की "मास्टर चाबी" हासिल करें। यही उनके अधिकारों की रक्षा और सामाजिक-राजनीतिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है।
