Firozabad Aarav Case: बेटे को पटक कर मारने वाले को फांसी की सजा, आरव हत्याकांड में फिरोजाबाद कोर्ट का बड़ा फैसला

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Published By Muskan Dixit
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फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के चर्चित डेढ़ वर्षीय आरव हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एकतरफा प्रेम में मासूम की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने एक दिन पहले आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया था और शुक्रवार को सजा का ऐलान किया।

यह मामला शिकोहाबाद थाना क्षेत्र का है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में आरोपी मासूम को बेरहमी से जमीन पर पटकता और फिर शव को घर के बाहर छोड़कर फरार होता दिखाई दिया था।

पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी विराज लंबे समय से आरव की मां रति पर शादी का दबाव बना रहा था। रति पहले से शादीशुदा थीं और उन्होंने आरोपी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इसी रंजिश में आरोपी ने बदला लेने की साजिश रची।

घटना वाले दिन रति अपनी मां पिंकी और डेढ़ वर्षीय बेटे आरव के साथ अपनी परिचित के घर गई थीं। उसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और रिश्तेदार होने का भरोसा दिलाते हुए आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। सुनसान स्थान पर उसने मासूम को कथित रूप से आठ बार जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही गंभीर चोटें आईं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की पहचान की। बाद में पुलिस मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले की सुनवाई तेजी से हुई और महज छह दिनों में 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई।

मृतक आरव की मां रति ने फैसले पर कहा कि उनके बेटे के साथ जिस तरह की क्रूरता की गई, उसके लिए कठोरतम सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में ऐसा अपराध करने वालों को कड़ा संदेश जाए।

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