UP Horticulture Scheme: बागवानी की हाईटेक खेती पर योगी सरकार का बड़ा दांव, जानें कैसे किसानों को 50% तक सब्सिडी, SC-ST क्षेत्रों में 75% तक अनुदान

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Published By Muskan Dixit
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एमआईडीएच योजना के तहत पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, फल, फूल, सब्जी, मसाला उत्पादन, हाईटेक नर्सरी और पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिल रही वित्तीय सहायता।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योगी सरकार बागवानी आधारित हाईटेक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत किसानों को पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, शेडनेट हाउस, फल, फूल, सब्जी और मसाला फसलों की खेती के लिए 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

संरक्षित खेती को मिल रहा बढ़ावा

योजना के अंतर्गत संरक्षित खेती (Protected Cultivation) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। किसान यदि पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस या शेडनेट हाउस में सब्जी और फूलों की खेती करते हैं तो उन्हें 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। वहीं फल, सब्जी, मसाला फसलें और नए उद्यान विकसित करने पर 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।

सरकार ने केला, आम, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और करौंदा जैसी व्यावसायिक फसलों के उत्पादन को भी योजना में शामिल किया है, जिससे किसानों को अधिक लाभकारी खेती की ओर प्रोत्साहित किया जा सके।

हाईटेक नर्सरी और पौध उत्पादन पर भी सहायता

उद्यान विभाग के अनुसार पौधों की गुणवत्ता सुधारने के लिए हाईटेक नर्सरी और टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना पर 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी जा रही है। वहीं छोटी पौधशालाओं की स्थापना और उनके एक्रीडिटेशन के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है।

जैविक खेती और मधुमक्खी पालन को भी मिलेगा लाभ

योजना के तहत जैविक खेती, समेकित कीट प्रबंधन (IPM), मधुमक्खी पालन, कृषि यंत्रीकरण, फ्रूट कवर, बी-हाइव, स्प्रेयर और पुराने बागों के पुनर्जीवन जैसे कार्यों पर भी 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

पोस्ट हार्वेस्ट सुविधाओं पर विशेष फोकस

फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सरकार कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, कोल्ड रूम और राइपनिंग चैंबर जैसी सुविधाओं की स्थापना पर 35 से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करा रही है।

SC-ST बाहुल्य क्षेत्रों के किसानों को विशेष लाभ

योजना में अनुसूचित जाति एवं जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों के छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। राज्य सेक्टर की औद्यानिक विकास योजना के तहत 0.20 हेक्टेयर तक भूमि वाले पात्र किसानों को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत सब्जी और मसाला बीज, मशरूम उत्पादन, कृषि यंत्र, क्रेट्स और जैव उर्वरक जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

कैसे करें आवेदन?

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान अपने जिले के उद्यान अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, खतौनी तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

किस गतिविधि पर कितना अनुदान?

गतिविधि अनुदान
पॉलीहाउस / ग्रीनहाउस / शेडनेट हाउस 50% तक
फल, सब्जी, मसाला एवं नए उद्यान 40% तक
हाईटेक नर्सरी / टिश्यू कल्चर लैब 40% तक
छोटी पौधशालाएं 50% तक
जैविक खेती, IPM, मधुमक्खी पालन 40-50%
कोल्ड स्टोरेज एवं पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर 35-50%
SC-ST बाहुल्य क्षेत्रों के छोटे किसान 75% तक

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