Sambhal News : संभल में 71 एकड़ जमीन के फर्जी पट्टे बांटे, बर्खास्त एसडीएम, पूर्व प्रधान समेत छह लोग गिरफ्तार
संभल में गंगा किनारे की सरकारी जमीन के पट्टा आवंटन में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई
संभल के बर्खास्त एसडीएम ओमवीर सिंह, पूर्व प्रधान विक्रांत, चकबंदी लेखपाल भीमराव सिंह, पूर्व कानूनगो राजवीर सिंह, बर्खास्त चकबंदी अधिकारी महेंद्र सिंह और पर्वू डीजीसी जय भारद्वाज को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। बीती 2 जुलाई को गुन्नौर की लेखपाल स्वाती शर्मा ने 19 आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी।
अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के संभल में घपले-घोटालों के परतें उधड़ने लगी हैं। सरकारी जमीन की बंदरवांट करके मौज काटने वाले अधिकारी कार्रवाई की जद में आ रहे हैं। गंगा किनारे की सैकड़ों बीघा सरकारी भूमि के घोटाले में पुलिस ने तगड़ा एक्शन लिया है। संभल के बर्खास्त एसडीएम ओमवीर सिंह, पूर्व प्रधान विक्रांत, चकबंदी लेखपाल भीमराव सिंह, पूर्व कानूनगो राजवीर सिंह, बर्खास्त चकबंदी अधिकारी महेंद्र सिंह और पर्वू डीजीसी जय भारद्वाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेखपाल स्वाती शर्मा ने 2 जुलाई को 19 आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी।
मामला गुन्नौर तहसील के असदपुर, सुखैला और आसपास के गांवों में गंगा किनारे स्थित झाऊ श्रेणी की सरकारी भूमि के अवैध आवंटन से जुड़ा है।
गुन्नौर के सुखौला में खेल
गुन्नौर तहसील में गंगा की तलहटी पर हजारों बीघा सरकारी भूमि है। सुखौला और असदपुर के आसपास के गांवों के आसपास भी ये जमीन है। यहां अधिकारियों ने अवैध तरीके से पट्टा बनाकर 71 एकड़ जमीन का बंदरवाट कर डाला। वर्ष 2018 में ये फर्जीवाड़ा पकड़ा गया तो पट्टा निरस्त कर 58 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई। लेकिन वर्ष 2019 में संभल के तत्कालीन एसडीएम ओमवीर सिंह ने दोबारा 162 लाभार्थियों के पट्टे स्वीकृत कर दिए।
जमीन आंवटन में गड़बड़ी पर फिर से डीएम ने जांच बिठाई। बीते माह 4 जून को जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसमें अधिकारियों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसी आधार पर लेखपाल स्वामी शर्मा ने गुन्नौर थाने में 19 आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें बर्खास्त एसडीएम, कानूनगो समेत तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।
मनमर्जी से बांट दिए पट्टे
लेखपाल स्वामी शर्मा ने अपनी तहरीर में कहा कि सुखौला गांव में 1144 बीघा सरकारी जमीन चकबंदी प्रक्रिया में थे। वर्ष 2007 के बाद जाली अभिलेख तैयार करके अवैध तरीके से पट्टे किए गए थे। वर्ष 2021-22 में संशोधन की प्रक्रिया भी चली। इसके बावजूद ग्राम सभा की खुली बैठक और लॉटरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। वर्ष 2023 में भी 17 लोगों के पट्टे निरस्त होने बावजूद उनके नाम दर्ज रहे।
एसपी बोले, जल्द पकड़े जाएंगे सभी
संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक 19 आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। एक बर्खास्त एसडीएम समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
कौन हैं बर्खास्त एसडीएम
ओमवीर सिंह तहसीलदार से प्रमोट होकर एसडीएम बने थे। वर्ष 2015 तक अलीगढ़ में तहसीलदार रहे। अलीगढ़ की कोल में 5 करोड़ की जमीन गड़बड़ी में पकड़े गए। 31 दिसंबर 2019 को उनका रिटायरमेंट था। ठीक एक दिन पहले शासन ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था।
