Balrampur News : सीमा से सटे 44 गांव बनेंगे विकास के मॉडल, उद्योग और रोजगार पर रहेगा विशेष फोकस
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-द्वितीय के तहत तैयार होगी कार्ययोजना, वस्त्र उद्योग, कौशल विकास और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
बलरामपुर में भारत-नेपाल सीमा से सटे जिले के 44 गांवों को वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-द्वितीय के तहत विकसित किया जाएगा। योजना में वस्त्र उद्योग, स्वरोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और कौशल विकास पर विशेष फोकस रहेगा, जिससे सीमावर्ती गांवों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।
बलरामपुर अमृत विचार। भारत-नेपाल सीमा से सटे बलरामपुर जिले के 44 गांवों के समग्र विकास को नई गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में शनिवार को वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-द्वितीय के तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक में सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, ऊर्जा, दूरसंचार, पर्यटन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास समेत दस प्रमुख क्षेत्रों में योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि चयनित गांवों को केवल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें औद्योगिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए स्थानीय संसाधनों और ग्रामीणों के कौशल के आधार पर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।
बैठक में वस्त्र उद्योग की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती गांवों में वस्त्र आधारित इकाइयों की स्थापना की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत शासन से आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुपालन, कौशल विकास, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए विभागों को ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती गांवों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी विभाग अपनी अद्यतन कार्ययोजनाएं समयबद्ध ढंग से प्रस्तुत करें, ताकि स्वीकृति और बजट आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर विकास कार्यों को तेजी से शुरू कराया जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, जिला विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
योजना की प्रमुख बातें
- सीमा से सटे 44 गांवों का होगा समग्र विकास।
- 10 प्रमुख क्षेत्रों में तैयार होगी विस्तृत कार्ययोजना।
- वस्त्र उद्योग स्थापित कर स्थानीय रोजगार बढ़ाने पर जोर।
- स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, ऊर्जा और दूरसंचार सुविधाओं का विस्तार।
- स्वयं सहायता समूह, एफपीओ और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा।
- शासन से बजट उपलब्ध कराकर विकास कार्यों को दी जाएगी गति।
