Barabanki News : गोमती नदी बनी मौत का कुंड! पांच साल में सगे भाइयों समेत 12 की डूबकर मौत, बैरिकेटिंग की मांग अब भी अधूरी
हैदरगढ़/बाराबंकी। अमृत विचार। सावधान आगे खतरनाक जलकुंड है चेतावनी बोर्ड के जरिए सावधानी बरतने की अपील किसी काम न आई और गुजरे पांच सालों के भीतर सगे भाईयों समेत एक दर्जन लोग गोमती नदी में डूबकर जान गवां बैठे। इतने हादसों के बाद भी तहसील प्रशासन व जिम्मेदार नहीं चेते और बैरिकेटिंग की लगातार मांग ठुकराई जाती रही।
तहसील क्षेत्र से होकर निकली गोमती नदी किनारे बसा अवसानेश्वर महादेव मंदिर धाम लाखों की आस्था व श्रद्धा का केन्द्र है। कुछ दूरी पर गुजरी गाेमती नदी के कई घाट हैं, देखने में भले ही नदी बेहद शांत दिखाई देती हो पर नदी कई जगहों पर खतरे का आभास कराती आई है। इसका प्रमाण समय समय पर होती आई घटनाओं ने दिया है। जैसे कि रेहुरा घाट, सरांयराज घाट, इलिचपुर घाट, जलालपुर घाट, औसानेश्वर घाट, भेड़िया घाट, भितरी घाट में शायद की कोई जगह बची हो जहां पर हर साल कोई हादसा न हुआ हो।

नाव पलटने से लेकर डूबने तक की घटनाओं के बावजूद जिम्मेदारों ने केवल एक सांकेतिक चेतावनी बोर्ड लगाकर छुट्टी पा ली। कौन इसे देखता या पढ़ता है, कितना सतर्क होता है, इसकी परवाह नही की गई। लंबे समय से स्थानीय लोग खतरनाक जगहों या बिंदुओं पर बैरिकेटिंग लगाने की मांग करते चले आ रहे हैं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। नतीजा यह कि गुजरे पांच साल के भीतर एक दर्जन लोग अपनी जान गवां बैठे।
दिनांक घटनास्थल कारण मृतक
1- 15 मार्च 2022 रेहुरा घाट नाव डूबने से सूर्यबख्श यादव निवासी बिगनिहा घाट
2- 19 अप्रैल 2022 सरांयराज घाट नदी में डूबने से विशाल व शिवा निवासी सरांय राज घाट
3- 11 अप्रैल 2023 चकौरा घाट नदी में डूबने से कांशीराम
4- 02 मई 2023 इलिचपुर घाट नदी में डूबने से संजय
5- 02 सितंबर 2023 जलालपुर घाट नदी में डूबने से रवि
6- 03 अप्रैल 2024 भितरी घाट नदी में डूबने से मोहम्मद सलमान
7- 24 जून 2024 औसानेश्वर घाट नदी में डूबने से देशराज
8- 19 मार्च 2026 भेड़िया घाट नदी में डूबने से शिवा
9- 14 जून 2026 सरांय रावत घाट नदी में डूबने से घनश्याम
10- 24 जून 2026 औसानेश्वर घाट नदी में डूबने से देवेन्द्र व इसका सगा भाई गजेन्द्र
एसडीएम बोले- जल्द होगी बैरिकेटिंग
उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि गोमती नदी के जिन घाटों पर लगातार हादसे हो रहे हैं अथवा जहां खतरा अधिक है, वहां बैरिकेटिंग कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
