Bareilly News : बिना टिकट चलने, महिला कोच में चढ़ने की गलती जेब पर पड़ेगी भारी
रेलवे ने दो से पांच गुना तक जुर्माने की राशि में किया इजाफा
बरेली, अमृत विचार। ट्रेन के महिला कोच में पुरुषों का सफर करना हो या बिना टिकट के ट्रेन में चढ़ने की हिमाकत करना... रेलवे परिक्षेत्र के अंदर किसी भी सूरत में नियमों का उल्लंघन करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है, क्योंकि रेलवे ने अपने जुर्मानों की राशि में चार से पांच गुना तक बढ़ोतरी की है। रेल अधिकारियों का कहना है कि जुर्माने की राशि को बढ़ाने का सीधा मकसद रेलवे परिसरों में अनुशासन और यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
दरअसल, रेल मंत्रालय ने जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की कई धाराओं में बदलाव किया है। नए नियम 20 जून से जारी भी हो चुके हैं। जिसके मुताबिक अगर आप बिना टिकट या अनुचित टिकट के साथ यात्रा करते पकड़े गए तो 500 रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा, जबकि पूर्व में ये राशि 250 रुपये थी। वहीं, महिला कोच या आरक्षित सीट पर अनधिकृत पुरुष यात्री मिलने के दण्ड को 500 रुपये बढ़ाकर 2,500 कर दिया गया है। अगर आप किसी दूसरे के टिकट पर यात्रा कर रहे हैं तो टिकट जब्त होने के साथ न्यूनतम 500 रुपये का जुर्माना लगेगा। रेलवे परिसर में अनाधिकृत रूप से फेरी करने व भीख मांगने पर जुर्माना 1000 से बढ़ाकर 2,000 किया गया है।
खतरनाक समाना के साथ यात्रा पर 10 हजार जुर्माना
रेलवे परिक्षेत्र में उपद्रव करने पर 1 हजार, दोबारा पकड़े जाने पर 5,000 तक जुर्माना या कारावास, अनधिकृत प्रवेश पर 500 रुपये, धूम्रपान करने पर 2,000 रुपये, आपत्तिजनक या खतरनाक सामान ले जाने पर 10,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान नए नियमों में किया गया है।
बरेली जंक्शन को करोड़ों की आय
रेलवे के बदले नियमों की कितने जरूरत थी, इसकी गवाही बरेली जंक्शन और बरेली सिटी के आंकड़े खुद देते हैं। 25 से 30 हजार से ज्यादा टिकट चेकिंग के दौरान नियमों के उल्लंघन मामले हर महीने बरेली जंक्शन के मुख्य टिकट निरीक्षक कार्यालय में दर्ज किए जाते हैं। बीते महीने बरेली जंक्शन को एक करोड़ रुपये से ज्यादा आय टिकट चेकिंग के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों से हुई। वहीं, बरेली सिटी स्टेशन पर करीब 8 हजार मामलों में 33 लाख की आय यहां के वाणिज्य विभाग ने की।
यात्री वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें व रेलवे नियमों का पालन करें। नियमों में बदलाव का मकसद यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित रेल यात्रा मुहैया कराना है। -महेश यादव, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद रेल मंडल।
