घर जाने की होड़, NEET परीक्षा खत्म होते ही स्टेशनों और बस अड्डों पर अभ्यर्थियों की भीड़, प्रशासन रहा मुस्तैद 

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Published By Anjali Singh
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-घर लौटने की जल्दबाजी में ट्रेनों बढ़ा दबाव, सुरक्षा बल रहे मुस्तैद

लखनऊ, अमृत विचारः राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) समाप्त होने के बाद रविवार शाम राजधानी के चारबाग रेलवे स्टेशन, लखनऊ जंक्शन और प्रमुख बस अड्डों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

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परीक्षा केंद्रों से निकलने के बाद हजारों परीक्षार्थी अपने-अपने घरों को लौटने के लिए रेलवे स्टेशन और बस अड्डों की ओर पहुंचे, जिससे कुछ समय के लिए अव्यवस्था जैसी स्थिति बन गई।

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रेलवे और रोडवेज प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं कर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

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चारबाग रेलवे स्टेशन और लखनऊ जंक्शन पर ट्रेनों के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एक साथ डिब्बों में चढ़ने लगे।

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गेट पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण कई अभ्यर्थी खिड़कियों के रास्ते ट्रेन में प्रवेश करते दिखाई दिए। स्टेशन परिसर में लगे पेयजल केंद्रों पर भी लंबी कतारें लगी रहीं।

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पानी भरने और पीने के लिए अभ्यर्थियों में होड़ मची रही। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के जवान लगातार तैनात रहे। 

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सुरक्षा कर्मियों ने प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के आसपास निगरानी बढ़ाकर यात्रियों को सुरक्षित तरीके से ट्रेन में चढ़ने में मदद की। स्टेशन परिसर में चेकिंग दस्ते भी सक्रिय रहे और यात्रियों के सामान की सघन जांच की गई। रेलवे प्रशासन किसी भी संभावित दुर्घटना या अव्यवस्था को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आया।

वहीं, परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज ने भी विशेष इंतजाम किए। परीक्षा समाप्त होने के बाद शाम से अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू कर दिया गया। आलमबाग, कैसरबाग और अवध बस अड्डों पर अतिरिक्त बसें खड़ी की गईं, ताकि अभ्यर्थियों को उनके गंतव्य तक आसानी से पहुंचाया जा सके। सिटी ट्रांसपोर्ट के प्रबंध निदेशक क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि परीक्षार्थियों को 50 प्रतिशत किराया छूट का लाभ दिया गया। 

तीन प्रमुख बस स्टेशनों से 28 शहरों के लिए बस सेवाएं संचालित की गईं। इसके अलावा शहर के 22 मार्गों पर चलने वाली लगभग 115 सिटी बसों का संचालन किया गया। बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर हेल्पडेस्क स्थापित कर कर्मचारियों को तैनात किया गया, जिन्होंने अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और वापसी यात्रा में मार्गदर्शन देने का कार्य किया।

साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों ने सकुशल दी परीक्षा

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उत्तर प्रदेश में रविवार को 59 जिलों में बने केंद्रों पर नीट की परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई। परीक्षा केंद्रों पर करीब 3.5 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा दोपहर 02 बजे से शाम 5:15 बजे तक चली। इस बार अभ्यर्थियों की सुविधा उन्हें 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया।परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक प्रवेश दिया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पेपर को जीपीएस लगी गाड़ियों से सेंटरों तक पहुंचाया गया। परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। 

परीक्षा केंद्रों पर दिखी सख्ती, चप्पे-चप्पे पर प्रशासन की नजर

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सेंटर में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, फोटो पहचान पत्र, फोटो और सिग्नेचर का मिलान किया गया। इसके बाद बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी कराया गया। कई जिलों में परीक्षा केंद्रों में चेकिंग में सख्ती दिखी। आजमगढ़ में जूते-मोजे और सर के बालों की जांच के बाद प्रवेश दिया गया। गोरखपुर में छात्राओं के जूड़े खुलवाकर चेकिंग की गई। नोएडा में अभ्यर्थियों से कलावा और ज्वैलरी उतरवाने की सूचना मिली। 

झांसी में ईयररिंग पहनकर पहुंचे युवक को प्रवेश से रोका

झांसी में ईयररिंग पहनकर पहुंचे युवक को प्रवेश से रोक दिया गया। जबकि राजधानी लखनऊ में गलत सेंटर पहुंची छात्रा को पुलिसकर्मियों ने अपनी कार से सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। बरेली में परीक्षा के दौरान एक छात्रा बेहोश हो गई, जिसे पुलिस कर्मियों द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कानपुर, झांसी, गोरखपुर, अयोध्या आदि जिलों में बने केंद्रों पर खूब सख्ती देखने को मिली। यूपी में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए रोडवेज बसों के किराए में 50% छूट दी गई, जिसको लेकर परीक्षार्थियों ने सरकार का आभार भी जताया। 

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