राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : बैठक से पहले ट्रस्ट अध्यक्ष ने तोड़ी चुप्पी, दोषियों के खिलाफ कर दी यह बड़ी मांग
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में एसआईटी जांच, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे समेत कई अहम मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर जारी विवाद के बीच सोमवार को होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक से पहले ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी।
अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर जारी विवाद के बीच सोमवार को होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक से पहले ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में हुई कथित चोरी की घटना से वह बेहद आहत हैं और उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे।
बैठक से पहले जारी बयान में महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि यह केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी व्यक्ति को निजी लाभ या राजनीतिक उद्देश्य से बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कथित 'पाप' में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
ट्रस्ट की बैठक में कई अहम मुद्दों पर मंथन संभव
राम जन्मभूमि परिसर स्थित अतिथिगृह में दोपहर तीन बजे आयोजित होने वाली ट्रस्ट की बैठक में चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच की प्रगति की समीक्षा किए जाने की संभावना है। इसके अलावा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी चर्चा हो सकती है। यदि इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं तो ट्रस्ट के प्रमुख पदों पर नई नियुक्तियों को लेकर भी विचार-विमर्श संभव है।
महंत नृत्य गोपाल दास बैठक में नहीं होंगे शामिल
सूत्रों के मुताबिक महंत नृत्य गोपाल दास हाल ही में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए थे। तीन जुलाई को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बावजूद उनके सोमवार की बैठक में शामिल होने की संभावना नहीं है। पहले उनके वर्चुअल माध्यम से जुड़ने की चर्चा थी, लेकिन अब इसके भी संकेत नहीं हैं।
सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार में सचिव प्रशांत लोखंडे और उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हो सकते हैं। वहीं, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के बैठक में शामिल नहीं होने की भी जानकारी सामने आई है।
सुरक्षा बढ़ी, बंद कमरे में हुई रणनीतिक बैठक
पहले ट्रस्ट की बैठक मणिरामदास छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसका स्थान बदलकर राम मंदिर परिसर कर दिया गया। बैठक के मद्देनजर मंदिर परिसर के आसपास मीडिया और निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि के आवास पर भी बंद कमरे में एक बैठक हुई, जिसमें विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। हालांकि बैठक के बाद किसी ने भी मीडिया से बातचीत नहीं की।
अयोध्या के लोगों को फैसले का इंतजार
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर अयोध्या के साधु-संतों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सभी की निगाहें ट्रस्ट की बैठक पर टिकी हैं। राम पथ पर पूजा सामग्री बेचने वाली रीमा देवी ने कहा कि भगवान राम के मंदिर में हुई इस घटना से हर श्रद्धालु दुखी है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
अब तक क्या हुई कार्रवाई?
राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद एफआईआर दर्ज कर आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कराया था। जांच के दौरान हटाए गए सीसीटीवी फुटेज भी बरामद किए गए, जिनमें आरोपियों के मंदिर परिसर से कथित तौर पर रकम छिपाकर ले जाते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है।
हालांकि इस मामले में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। दूसरी ओर, फैजाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने इन तीनों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग करते हुए पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
