अमरोहा : कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराएं, डीएम ने दिए निर्देश

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संभव पोर्टल पर कुपोषित बच्चों का रजिस्ट्रेशन समय से कराने के दिए निर्देश

कलेक्ट्रेट में बैठक लेते जिलाधिकारी राजेश कुमार त्यागी व साथ में अन्य। 

अमरोहा, अमृत विचार। जिलाधिकारी राजेश कुमार त्यागी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण मिशन के अन्तर्गत कन्वर्जेन्स एक्सान प्लान की जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। कहा कि जो बच्चे कमजोर हैं और कुपोषित हैं उनको चिह्नित कर एनआरसी में भर्ती कराया जाए।

सोमवार को बैठक में जिलाधिकारी राजेश कुमार त्यागी ने डीपीओ को निर्देश देते हुये कहा 10 आंगनबाड़ियों के खराब कामों को चिह्नित करें। समेकित बाल विकास सेवा के तहत गर्भवती व धात्री महिलाओं को दिया जाने वाला पूरक पोषाहार का वितरण समय से हो। जिन ब्लॉकों में वितरण की स्थिति खराब है, वह अगली वैठक तक सुधार करें अन्यथा कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण ट्रैकर में आंगनबाड़ी घर-घर जाकर गर्भवती व माताओं को समझाए और काउंसिलिंग करें।

सीडीपीओ की यह जिम्मेदारी है कि हर आंगनबाड़ी केंद्र में कुपोषित बच्चों की संख्या पता होनी चाहिए। अगले महीने अवश्य प्रगति दिखनी चाहिए। कुपोषित बच्चों के भर्ती के लिए अभिभावकों को जागरूक करें। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम का अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन आंगनबाड़ी सहायिका की प्रत्येक पैरामीटर पर प्रगति खराब है उसको चिह्नित करें और उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए, उनका वेतन रोका जाए। कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों में वजन मशीन अवश्य होनी चाहिए।

एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत बच्चों में एनीमिया की रिपोर्ट मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। विद्यालयों में मिड डे मील में एनीमिया व आयरन की दवा सभी बच्चों को अवश्य दिया जाए। पोषण अभियान के तहत चलाए जाने वाले कार्यक्रम का लाभ प्रत्येक कुपोषित बच्चे को मिलना चाहिये। जिलाधिकारी ने कहा कि संभव पोर्टल पर सभी कुपोषित बच्चों का रजिस्ट्रेशन समय से कराएं।

गर्भवती धात्री और कुपोषित बच्चों के लिए जो सरकार द्वारा पोषण सामग्री और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उसका हर हाल में वितरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनआरसी में कम से कम 10 बच्चे अवश्य भर्ती रहने चाहिये ताकि जो भी कमजोर कुपोषित लाल श्रेणी के बच्चे हैं। उन्हें सुधारा जा सके। उन्हें 14 दिन तक वहां अवश्य रखा जाए। आंगनबाड़ी सहायिका घर-घर जाकर ऐसे बच्चों को चिह्नित करें। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सरिता द्विवेदी, सीएमओ, एसीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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