रायबरेली: प्रथम मेमू रेक का उत्पादन कर एमसीएफ ने किया ऐतिहासिक कार्य, बोले महाप्रबंधक

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लालगंज/रायबरेली, अमृत विचार। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाने ने अपने उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि कर एक नये चरण में प्रवेश किया। आरेडिका द्वारा निर्मित प्रथम 3-फेज मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (मेमू) को महाप्रबंधक आरेडिका  प्रशांत कुमार मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर एमसीएफ से उत्तर पूर्वी रेलवे के लिए रवाना किया। 

जीएम ने कहा कि यह आरेडिका के कोच उत्पादन में एक ऐतिहासिक दिन है। मुख्यतः मेमू ट्रेन छोटी और मध्यम दूरी के मार्गों पर सेवा प्रदान करती है। यह ट्रेन यात्रियों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है। इसमें यात्रियों को पूर्व से टिकट बुक न करके या़त्रा के समय ही टिकट उपलब्ध हो जाती है। मेमू ट्रेनें अन्य ट्रेनों की तुलना में त्वरित गति से रफ्तार पकड़ती हैं और तुरंत रुकती भी हैं।

3-फेज मेमू में अत्याधुनिक मल्टीफंक्शन व्हीकल बस (एमवीबी) आधारित ट्रेन कंट्रोल मैनेजमेंट सिस्टम (टीसीएमएस) जो उन्नत नियंत्रण सुविधाएं प्रदान करता है। जिसे मेसर्स बीएचईएल द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। इससे मेक इन इंडिया अभियान को और बल मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए एमसीएफ अग्रशील है।

मेमू ट्रेन की आसान निगरानी और नियंत्रण के लिए  टच स्क्रीन-आधारित ड्राइवर डिस्प्ले यूनिट भी स्थापित की गई है। एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए ड्राइवर डेस्क के साथ एक वातानुकूलित ड्राइविंग कैब ड्राइवर को आरामदायक ड्राइविंग वातावरण प्रदान करती है। इन कोचों में तेजी से ब्रेक लगाने के लिए सेमी परमानेंट शाखू कपलर और इलेक्ट्रो-न्यूमेटिक एयर ब्रेक सिस्टम भी प्रयुक्त किया गया है।

जीएम पीके मिश्रा ने इस उपलब्धि का सम्पूर्ण श्रेय आरेडिका के समर्पण और कड़ी मेहनत को दिया है, जो सभी विभागों के विशेष रूप से उत्पादन और भंडार विभाग के समन्वय से संभव हो सका है। साथ ही बताया कि आरेडिका द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में मेमू के सात रेकों का श्रृंखलाबद्ध उत्पादन किया जायेगा।

यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ख्याल

यात्रियों के आराम और सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया गया है।  यह 3-फेज मेमू ट्रेन को 110 किमी प्रति घंटे की अधिकतम सेवा गति के लिए डिजाइन की गई है, जो उच्च त्वरण से अधिकतम गति प्राप्त करने की क्षमता है। मेमू ट्रेन के प्रत्येक कोच को नवीनतम जीपीएस-आधारित यात्री सूचना प्रणाली से युक्त है, जो अपने  मार्ग में पड़ने वाले रेलवे स्टेशनों के बारे में यात्रियों को जानकारी प्रदान करती रहेगी। प्रत्येक कोच में ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। साथ ही साथ 50 प्रतिशत आपातकालीन रोशनी की व्यवस्था  भी की गयी है।

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