बरेली: बिचपुरी की टीस... भाजपा पर चला वोटों का बुलडोजर, 

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Edited By Amrit Vichar
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बीडीए ने दो साल पहले ढहा दिए थे सैकड़ों घर, दूर-दूर से वोट डालने आए प्रभावित परिवारों के लोग

बरेली, अमृत विचार। बिचपुरी में बीडीए की आवासीय परियोजना के विस्तार के लिए दो साल पहले सैकड़ों लोगों की आंखों के सामने उनके आशियानों पर उस समय के दबंग बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बुलडोजर चलवा दिया था। इन लोगों को उम्मीद थी कि भाजपा नेता सरकार में दबाव बनाकर उनके लिए कुछ करेंगे लेकिन उन्होंने भी उनकी तरफ से आंखें फेर ली थीं। बेघर हुए इन लोगों ने मंगलवार को अपनी तरफ से भाजपा पर अपने वोटों का बुलडोजर चलाने की भरसक कोशिश की।

रामगंगानगर परियोजना के विस्तार के लिए बीडीए ने बिचपुरी में 2022 में सैकड़ों मकानों को अवैध बताते हुए उन पर बुलडोजर चला दिया था। बीडीए की इस कार्रवाई का लोगों ने भरसक विरोध किया लेकिन पुलिस की लाठियों के आगे उनकी एक नहीं चली। तमाम लोगों ने भाजपा नेताओं के भी चक्कर काटे लेकिन उन्होंने भी उनका साथ नहीं दिया। बड़े पैमाने पर घर जमींदोज कर दिए जाने के बाद भी कोई भाजपा नेता पीड़ित लोगों को सांत्वना देने तक नहीं पहुंचा। प्रभावित परिवारों में मुस्लिम भी थे और हिंदू भी। अब इनमें से ज्यादातर लोग शहर के ही अलग-अलग इलाकों में किराए के मकानों में रह रहे हैं लेकिन उनके वोट अब तक बिचपुरी में ही हैं। मंगलवार को ये लोग खुलकर भाजपा के खिलाफ वोट करने पहुंचे थे।

इससे पहले लोकसभा चुनाव 2019 में बिचपुरी के वोट गांव के ही प्राइमरी स्कूल में बने दो बूथों पर डाले गए थे। तब इस गांव में 2259 वोटर थे। उस चुनाव में भाजपा के संतोष गंगवार को 1005 वोट मिले थे। सपा को 309 और कांग्रेस को 28 वोट मिले थे। इस चुनाव में गांव के वोट बीडीए की ओर से डेढ़ करोड़ की लागत से गौंटिया में बनाए गए नए प्राइमरी स्कूल में डाले गए। वोटर लिस्ट के अनुसार गांव में 2528 मतदाता हैं। वोट डालने आए लोगों ने बताया कि अब भी डर है कि बिचपुरी में जो मकान बचे है, वे भी चुनाव बाद ढहा दिए जाएंगे। भाजपा नेता न पहले आए, न आगे आएंगे। जो लोग भाजपा के समर्थक थे, उनके घर और दुकान भी ढहा दिए गए थे। इसलिए सभी ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। जो लोग कहीं और किराए पर रह रहे हैं, उन्हें भी बुलाकर वोट डलवाए गए हैं।

सपा के एजेंट हरीओम मौर्य ने बताया कि यहां एक बूथ पर 1194 वोटर में से 742 दूसरे पर 1334 में से 563 वोटरों ने वोट डाला है। संजयनगर में किराए के मकानों में रह रहे लोग भी वोट डालने आए। तमाम लोग सियाराम खजुरिया से आकर वोट डाल गए। डालचंद ने बताया कि जिनके घर टूटे थे, वे सुबह ही आकर वोट डाल गए। खुशीराम ने बताया कि कोई भाजपा नेता गांव में नहीं आया। उनकी गाड़ी सामने निकलकर पहाड़पुर चली गईं। प्रवीण सिंह ऐरन यहां आकर लोगों से मिलकर गए थे।

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