Barabanki News: आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में धूम मचा रही बाराबंकी की हरी मिर्च, किसानों के लिये साबित हो रही मुनाफे की खेती

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

दीपराज सिंह/ देवा/ बाराबंकी, अमृत विचार। क्षेत्र में इस समय तैयार हो चुकी हरी मिर्च की उत्तर प्रदेश के जनपदों सहित अन्य प्रदेशों में भी काफी डिमांड है। मंडियो में डिमांड बढ़ने से किसानों को मिर्च के वाजिब दाम मिल रहे हैं। जिसके चलते मिर्च के किसानों में खुशी का माहौल है। 

बाराबंकी जनपद के देवा, बेलहरा, खेवली और कुर्सी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हरी मिर्च की खेती की जाती है। किसानों के लिए अच्छी बात यह है कि इस फसल के दाम भी नकद ही मिल जाते हैं। क्षेत्र में मिर्च की 6807, 1902, गोमती और अर्चना जैसी प्रजातियों की प्रमुख रूप से खेती की जाती है। 

इन प्रजातियों की वर्तमान समय में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार समेत अन्य कऊ राज्यों में काफी मांग है। इसके साथ-साथ उत्तर प्रदेश के जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, गोरखपुर, बलिया, वाराणसी सहित अन्य मंडियो में भी हरी मिर्च की काफी खपत हो रही है। इस वर्ष शुरुआत से ही मिर्च के भाव 2000 रुपये से लेकर 2300 रुपए प्रति कुंतल तक के आसपास चल रहे हैं।

क्षेत्र के तगाजीपुर मजरे खेवली निवासी किसान संतराम यादव ने बताया कि हरी मिर्च की खेती के लिये एक एकड़ में बीज खाद, पानी व कीटनाशक, मजदूरी आदि मिलकर किस्तों में औसतन करीब 1 लाख रुपए का खर्च आता है। यदि वर्तमान भाव चलता रहा तो प्रति एकड़ करीब 6 लाख रुपए की आमदनी होगी। जिसमें खर्च काटकर प्रति एकड़ करीब 5 लाख रुपए तक मुनाफा होने की उम्मीद है। 

कृषि उत्पादन मंडी समिति बाराबंकी के आंकड़ों के अनुसार जनपद से प्रतिदिन तकरीबन 2000 कुंटल के करीब हरी मिर्च बाहर की मंडियो में जा रही है। क्षेत्र के मिर्च कारोबारी जयप्रकाश मौर्य ने बताया कि वर्तमान समय में 6807 किस्म की मिर्च की आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र से काफी डिमांड हो रही है। जिसके चलते इसके भाव में तेजी है। वर्तमान के भाव में किसानों को अच्छा लाभ हो रहा हैl

वर्तमान समय में देवा फतेहपुर व कुर्सी क्षेत्र से प्रतिदिन तकरीबन 2000 कुंतल की हरी मिर्च बाहर की मंदिरों में जा रही है। मिर्च का भाव प्रतिदिन एक जैसा नहीं रहता। इसमें मांग के अनुसार गिरावट व तेजी आती रहती हैl किसानों के लिये मिर्च की खेेती काफी मुनाफे का सौदा है। अपने प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों में मिर्च की हमेशा मांग रहती है। इसके अलावा किसानों को इसके दाम भी तुरंत नकद मिल जाते हैं..,कुंजबिहारी लाल, मंडी निरीक्षक, बाराबंकी।

यह भी पढ़ें:-प्रतापगढ़: राजा भइया की दरियादिली या सपा से नजदीकी!, सपा प्रत्याशी के पिता के खिलाफ दर्ज कराये मुकदमे को वापस लेंगे कुंडा विधायक

संबंधित समाचार