नैनीताल: सैलानियों को खूब पसंद है जिगर और सिंघम की जोड़ी   

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Edited By Amrit Vichar
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संतोष बोरा, अमतृ विचार, नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में हर वर्ष लाखों की संख्या में देश-विदेश के सैलानी पहुंचकर यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं। विश्वविख्यात नैनीझील में नौकायन, बारापत्थर क्षेत्र में घुड़सवारी कर अपनी यात्रा को यादगार बनाते हैं। 

प्रति वर्ष 15 अप्रैल के बाद पर्यटन सीजन शुरू हो जाता है। ऐसे में शहरों की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए देश के अलग अलग राज्यों से हर रोज हजारों की संख्या में सैलानी सरोवर नगरी की सुंदरता का लुत्फ उठाने आते हैं। वहीं घुड़सवारी का आनंद लेते हैं। सैलानियों को जिगर (काला) और सिंघम (सफेद) घोड़े की जोड़ी खूब भाती है। सभी लोग जिगर और सिंघम की घुड़सवारी करना पसंद करते हैं, जिसके लिए पर्यटक से एक राइड का 920 रुपये चार्ज लिया जाता है। 

घोड़ा मालिक मो.उमर ने बताया कि वे जिगर और सिंघम को राजस्थान में लगने वाले पुष्कर मेले से नैनीताल लाये थे। दोनों घोड़े सुंदर हैं। एक काला है तो दूसरा सफेद रंग का। इन घोड़ों को पर्यटक देखते ही इसी में घुड़सवारी की मांग करते हैं। इन दोनों घोड़ों की इतनी मांग है कि लोग इनकी सवारी के लिए घंटों इंतजार करते हैं। घोड़ों के खानपान का भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इनकी हर रोज सरसों के तेल से मालिश की जाती है। ठंड के दिनों में गुड़, अजवाइन और सरसों का तेल पिलाकर इनको ठंड से बचाया जाता है। 

पहले घोड़ा स्टैंड में 150 घोड़े होते थे, अब 94 लोगों को ही लाइसेंस दिए हैं  
नगर पालिका कार्यालय अधीक्षक शिवराज नेगी ने बताया कि सन 2014 तक घोड़ा स्टैंड में 150 घोड़े होते थे लेकिन मांग कम होने पर अब पालिका द्वारा केवल 94 लोगों को ही लाइसेंस दिए हैं। पालिका एक लाइसेंस का सालाना 1470 रुपये वसूल करती है। कहा कि भविष्य में इनकी संख्या और कम की जा सकती है। अगर किसी घोड़ा स्वामी की मौत हो जाती है तो उसका लाइसेंस उसके परिवार को तभी दिया जाएगा जब उसके पास घोड़े के अलावा आय का कोई दूसरा साधन नहीं हो। 

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