Syria War : संघर्ष में तीन लाख 70 हजार लोग हुए विस्थापित, भारतीयों को सीरिया की यात्रा न करने के लिए परामर्श जारी  

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Edited By Amrit Vichar
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संयुक्त राष्ट्र। सीरिया के सशस्त्र बलों और हयात तहरीर अल-शाम आतंकवादी समूह के बीच जारी संघर्ष बढ़ने के बाद से करीब 3 लाख 70 हजार लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने शनिवार को यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने आज कहा कि सीरिया में शत्रुता बढ़ने के बाद से करीब 3,70,000 पुरुष, महिलाएं और बच्चे विस्थापित हुये हैं। इनमें से एक लाख ऐसे लोग शामिल हैं, जो एक से अधिक बार अपने घर छोड़कर गए हैं। 

गौरतलब है कि सीरिया में 2011 से सशस्त्र संघर्ष जारी है। यहां हयात तहरीर अल-शाम आतंकवादी समूह (जिसे पहले नुसरा फ्रंट के नाम से जाना जाता था और यह रूस में प्रतिबंधित है) और कई अन्य सशस्त्र समूहों ने 29 नवंबर को सीरियाई सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया, जो इदलिब के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के उत्तर से अलेप्पो और हमा शहरों की ओर बढ़ रहा है। सीरियाई रक्षा मंत्रालय ने पांच दिसंबर को कहा है कि आतंकवादियों के साथ भीषण लड़ाई के बाद सीरियाई सशस्त्र बल हमा शहर से हट गए। 

भारतीयों को सीरिया की यात्रा न करने के लिए परामर्श जारी 
नई दिल्ली। सीरिया में जारी हिंसा के मद्देनजर भारत ने अपने नागरिकों को वहां की यात्रा से बचने की सलाह दी है। शुक्रवार को जारी एक परामर्श में विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सीरिया में रह रहे भारतीय नागरिकों से दमिश्क में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को भी कहा है। इस्लामी विद्रोहियों ने बृहस्पतिवार को देश के सबसे बड़े शहर अलेप्पो के अधिकांश हिस्से पर कब्जा करने के बाद मध्य सीरिया के शहर होम्स पर लगभग कब्जा कर लिया। हजारों लोग होम्स से भाग रहे हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘सीरिया में मौजूदा हालातों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक सीरिया की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।’’ इसमें कहा, ‘‘सीरिया में रह रहे भारतीयों से अनुरोध है कि वे जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी के माध्यम से दमिश्क में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।’’ मंत्रालय ने कहा, ‘‘जो लोग जा सकते हैं उन्हें सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों से चले जाएं तथा अन्य लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतें तथा कम से कम आवाजाही करें।

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