Kanpur: गंगा में गिरते नालों के पानी की होगी जांच, नगर आयुक्त ने गठित की कमेटी

Amrit Vichar Network
Published By Amrit Vichar
On

कानपुर, अमृत विचार। प्रयागराज महाकुंभ से पहले गंगा और पांडु नदी में गिरने वाले नालों के पानी की जांच के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पहल पर नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त प्रथम मो. आवेश के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी है। नगर निगम के मुख्य अभियंता और जलकल महाप्रबंधक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  के साथ शासन के निर्देशों का पालन कराने के लिए गंगा व पांडु नदी में गिरने वाले नालों के पानी की जांच करेगी।  

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने पिछले दिनों कई नालों का गंदा पानी गंगा में गिरते पकड़ा था। बोर्ड के अनुसार अनटैप्ड रानीघाट नाला, गोलाघाट, सत्तीचौरा, डब्का, मदारपुर व किशनपुर नाले से गंदगी गंगा में गिर रही है। इसके अलावा आंशिक टैप्ड परमिया व गुप्तारघाट नाले से ओवरफ्लो होकर सीवेज गंगा में मिल रहा है। 

पांडु नदी में 3 अनटैप्ड नाले पिपौरी, अर्रा, सागरपुरी व आंशिक टैप्ड 3 नाले हलवाखाड़ा, पनकी थर्मल व गन्दा नाला गिर रहा है। शासन ने इन सभी नालों में बायोरेमिडियेशन कार्य करने के निर्देश दिये हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने नगर आयुक्त से पूर्ण बायोरेमिडिएशन हर हाल में शुरू कराने को कहा था। अब कमेटी बायोरेमिडिएशन के बाद गंगा में गिरने वाले पानी की गुणवत्ता देखेगी।

यह भी पढ़ें- Kanpur: मेट्रो ने सेंट्रल तक लगाया थर्ड रेल सिस्टम, यूपीएमआरसी के अधिकारियों ने बताई सिस्टम की ये विशेषता...

 

संबंधित समाचार