Umashankar Singh : बसपा विधायक के यहां तीसरे दिन भी जारी रही आयकर टीम की कार्रवाई, बढ़ा जांच का दायर तो लपेटे में आ सकते हैं कई दिग्गज
लखनऊ, अमृत विचार। बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ स्थित कंपनी के आफिस पर आयकर विभाग की कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी रही। पूरे दिन अधिकारी बरामद नकदी, जेवर और जमीन और प्लाटों के दस्तावेज, लूज शीट, रसीदें आदि के जरिए कथित टैक्स चोरी की हिसाब किताब लगाते रहे।
उधर सूत्रों का दावा है कि मिले दस्तावेजों से साफ हो रहा है कि विधायक के बसपा के साथ ही भाजपा और सपा के नेताओं से भी संबंध थे। साथ ही विभागों के आला अफसरों से सांठगांठ कर टेंडर प्राप्त किए जाते थे। अब आशंका इस बात की है कि यदि आयकर विभाग की टीमों ने जांच में विस्तार किया तो कई दिग्गज नेता भी दायरे में आ सकते हैं।
बलिया के रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ स्थित आवास पर बुधवार को सुबह आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा था। इसके साथ ही बलिया, सोनभद्र और कौशांबी समेत विधायक से जुड़ी कंपनियों और कई लोगों के यहां भी कार्रवाई जारी है। दावा है कि इस कार्रवाई में करीब 10 करोड़ की संपत्ति के साथ ही जेवर और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज, लूज सीट, डायरां, हाथ से लिखे हिसाब, टेंडर भुगतान के कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं।
हालांकि आयकर विभाग ने इस बारे में को छापे की जड़ में उमाशंकर सिंह द्वारा बनाई गई सीएस कंस्ट्रक्शन कंपनी बताई जा रही है। कंपनी की स्थापना उमाशंकर सिंह ने जनवरी 2009 में की थी। पहले वह खुद ही इसके निदेशक थे। लेकिन बाद में पत्नी को निदेशक बना दिया।
छापे में साफ हुआ है कि छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साईराम इंटर प्राइजेज बसपा, सपा और भाजपा सरकार में कई करोड़ों के ठेके लिए। लेकिन सोनभद्र में खनन के मामले में कैग की रिपोर्ट में 60 करोड़ रुपए का घपला पकड़ा गया था। माना जा रहा है कि कैग की रिपोर्ट के आधार पर ही आयकर विभाग ने कार्रवाई की है।
सन्नाटा पसरा है आवास और आफिस पर
विधायक उमाशंकर सिंह का आवास गोमती नगर के विपुल खंड में हैं। आवास से ही कुछ दूरी पर सीएस कंस्ट्रक्शन कंपनी का आफिस है। पहली बार जब बुधवार को छापा पड़ा था तो वहां पर समर्थकों और आसपास के लोगों की काफी भीड़ लगी रही। लेकिन दूसरे दिन भी कुछ लोग आते और जाते रहे। लेकिन तीसरे दिन शुक्रवार को आवास और आफिस पर सन्नाटा पसरा रहा। अंदर टीम जांच में जुटी है, वहीं बाहर महिला और पुरुष पुलिस कर्मी तैनात रहे।
