Kanpur News : कानपुर में संगठित लूट के आरोप में छह गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
कानपुर। कानपुर पुलिस ने छह कथित बदमाशों को गिरफ्तार कर एक संगठित लूट का खुलासा किया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि छह में से दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया और उनके पैर में गोली लगी है। उसने बताया कि ये गिरफ्तारियां श्याम नगर पुलिस चौकी के पास हुई एक लूट से जुड़ी हैं, जो करीब दो हफ़्ते पहले हुई थी।
पुलिस ने बताया कि 15 फरवरी को यशोदा नगर निवासी मोहम्मद वासिद और जाजमऊ निवासी अरशद पर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने कथित तौर पर हमला किया और उनसे आठ लाख रुपये की नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस मामले में अब्दुल रहमान, शुभान खान, लारेब सिद्दीकी और मोहम्मद जीशान सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया। उनसे लूटी गई धनराशि का एक हिस्सा पुलिस द्वारा बरामद किया गया।
अधिकारी ने बताया कि बाद में दिन में हुई मुठभेड़ में दो अन्य आरोपियों बेकनगंज निवासी मोहम्मद यासीन और मुजाहिद को गिरफ्तार किया गया। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सत्यजीत गुप्ता ने कहा कि पुलिस टीम बृहस्पतिवार देर रात वाहनों की नियमित जांच कर रही थीं तभी रुकने का इशारा करने पर दो मोटरसाइकिल सवार भागने की कोशिश करने लगे।
डीसीपी ने कहा, ''संदिग्धों ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी गोलीबारी की, जिसमें दोनों आरोपियों यासीन और मुजाहिद के पैर में चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।'' गुप्ता ने दोनों को कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके पास से एक देसी पिस्तौल, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल बरामद की। पुलिस के मुताबिक संगठित गिरोह के सदस्यों ने वासिद और अरशद से लूटपाट करने से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। आरोप है कि गिरोह के दो सदस्यों ने नकदी लाने-ले जाने पर नज़र रखी और अपने साथियों को जानकारी दी, जिन्होंने लूट को अंजाम दिया।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि पीड़ित ने शुरू में किसी भी लूट से इनकार किया था और घटना को बाइक सवारों से टक्कर के बाद एक सड़क हादसा बताया था। हालांकि, बाद में सीसीटीवी फुटेज से यह निश्चित हो गया कि लूट हुई है, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। लाल ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि जांच के दौरान, पुलिस को जाजमऊ निवासी महफूज नाम के एक व्यक्ति से जुड़ी संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं की जानकारी मिली, जो कबाड़ और चमड़े का कारोबार करता है।
उन्होंने बताया कि लूटपाट के शिकार कथित तौर पर उसी के लिए नकदी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने कहा कि घटना वाले दिन एक बैंक खाते से करीब 3.2 करोड़ रुपये निकाले गए, जिसमें से करीब 25 लाख रुपये लूट के समय ले जाए जा रहे थे। लाल ने बताया, "हमने संदिग्ध ऑपरेटर से जुड़े 14 बैंक खातों का पता लगाया है, जिसमें पिछले ढाई साल में एक ही बैंक के ज़रिए करीब 850 करोड़ रुपये की लेनदेन हुए हैं।"
उन्होंने बताया कि 12 बैंकों के 68 खातों की जांच से करीब 1,600 करोड़ रुपये नकदी निकाले जाने की जानकारी मिली है, जिससे कर चोरी और गैर-कानूनी वित्तीय गतिविधि का शक पैदा होता है। उन्होंने कहा कि कुछ आरोपियों की आवाजाही दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके, कश्मीर और नेपाल में होने की जानकारी मिली है, जिससे एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का संकेत मिलता है।
लाल ने कहा, "हमने संदिग्ध हवाला कारोबार की आगे की जांच के लिए आयकर विभाग, माल एवं सेवा कर विभाग (जीएसटी), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और भारतीय रिजर्व बैंक को सूचित करने का फैसला किया है।'' उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि लूट के दौरान जिन दो लोगों पर हमला हुआ, वे सिर्फ नकद ले जा रहे थे और साजिश का हिस्सा नहीं थे। पुलिस आयुक्त ने गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है।
