कानपुर : 24 लाख के लूटकांड में हुआ करोड़ों के गोरखधंधे का खुलासा, 68 बैंक खातों से निकाले गए 1600 करोड़

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर, अमृत विचार। श्यामनगर में 24 लाख की लूट की क्राइम ब्रांच ने परतें खोलीं तो 1600 करोड़ के हवाला रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। लूटी गई रकम जाजमऊ के टेनरी कारोबारी महफूज की थी। लूट की जांच में टेनरी कारोबारी और उसके परिजनों के 68 बैंक खातों से करीब 1600 करोड़ के लेनदेन का खुलासा हुआ है। अकेले आईडीबीआई की सिविल लाइंस शाखा से 850 करोड़ की निकासी हुई, जो 14 खातों से ट्रांसफर हुई।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने हवाला, देशद्रोही गतिविधियों में रुपये लगाने की आशंका पर आरबीआई, आयकर, जीएसटी, सीबीआई और ईडी को पत्र लिखने बात कही है। पुलिस जांच में पता चला कि लूट के बाद लुटेरे जामा मस्जिद, कश्मीर, नेपाल भी गए थे। महफूज फरार है।

श्यामनगर में 16 फरवरी को हुई लूट के खुलासे में क्राइम ब्रांच, साइबर सेल व पुलिस की अलग-अलग छह टीमें लगी थीं। क्राइम ब्रांच टीम लुटेरों की तलाश में थी। गुरुवार देर रात अहिरवां में हीरामन पुरवा का यासीन व मुजाहिद को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर चमनगंज का लारेब सिद्दीकी, हीरामन पुरवा का मो. जीशान फिर मूलगंज मिश्री बाजार का अब्दुल रहमान, हीरामन पुरवा का शुभान खान को दबोचा गया। आरोपियों के पास से 10.73 लाख रुपये व तमंचा बरामद हुआ। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच में पता चला कि मो. वासिद व उसका साथी अरशद रकम पहुंचाने का काम करते है। 

पुलिस जांच में वासिद ने फूलबाग स्थित आईडीबीआई बैंक से रुपये निकालने की बात कही थी। जब बैंक में जांच की गई तो पता चला कि वारदात के दिन जाजमऊ निवासी टेनरी कारोबारी महफूज के अकाउंट से 3.20 करोड़ रुपये निकाले गए। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि 2023 से 2025 तक आईडीबीआई बैंक के ही करीब 14 खातों से 850 करोड़ रुपये निकाले गए। सभी खाते जाजमऊ स्थित शिवांग टेनरी के है। आईडी जांच से पता चला कि महफूज और उसके परिजनों के शहर में 12 बैंकों में कुल 68 खाते हैं। इन्हीं खातों से ढाई साल में 1600 करोड़ रुपये निकाले गए हैं।

उन्नाव व फतेहपुर का भी लिंक

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह रकम कहां लगाई गई। पैसा हवाला, देश विरोधी गतिविधि का है या टैक्स से बचने के लिए सारा खेल रचा गया। इनकी पड़ताल के लिए जीएसटी, इनकम टैक्स, ईडी व सीबीआई समेत अन्य एजेंसियों को भी पत्र लिखा जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि खातों में कानपुर, उन्नाव व फतेहपुर के 12 फर्मों से रकम आई है।

एसटीआर रिपोर्ट जनरेट नहीं

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जीएसटी से छूट पाने के लिए महफूज ने एपीएमसी सर्टिफिकेट ले रखा था। जिसमें यह बताया गया था कि फर्म एग्रीकल्चर फिल्ड में काम करती है। वहीं जांच में बैंकों की भी लापरवाही सामने आई है। नियम अनुसार 10 लाख से अधिक रकम निकासी पर बैंक को एसटीआर रिपोर्ट जनरेट करनी पड़ती है, लेकिन जांच में सामने आया कि बैंकों की ओर से रिपोर्ट जनरेट नहीं की गई।

एक माह पहले से हो रही थी रेकी

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि लूट की करीब एक माह से रेकी हो रही थी। लूट की कहानी रचने वाला रहमान है। टेनरी कारोबारी फहफूज के पैसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम अरुण सोनी करता है। उसका दोस्त रहमान है। अरुण से उसने सारी जानकारी ली, शुभान के साथ मिलकर आईडीबीआई बैंक में रेकी की। घटना के दिन महफूज ने बैंक से रुपये निकाले और पहुंचाने वालों को दिए। झकरकटी पहुंचने पर उनके बीच पैसों का बंटवारा हुआ। वहीं से वासिद व अरशद 24 लाख लेकर निकले थे और बदमाशों ने पीछा किया। श्यामनगर पहुंचने हमला बोलकर लूटपाट की। रहमान व शुभान को लुटेरों पर भी भरोसा नहीं था, इस कारण 100 मीटर दूरी पर खड़े थे। लूट के बाद रकम का सबसे बड़ा हिस्सा रहमान व शुभान ने लिया। रकम लेने के बाद बदमाश दिल्ली की जामा मस्जिद, कश्मीर व नेपाल घूमने गए थे।

लूट के बाद भी महफूज ने निकाले एक करोड़

क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि लूट के बाद भी महफूज के खाते से एक करोड़ रुपये निकले गए। उसके बाद से वह फरार चला रहा है। इस बीच उसने कोर्ट से जानकारी मांगी है कि क्या वह शहर के किसी भी थाने से वांछित तो नहीं है। फरार महफूज की क्राइम ब्रांच तलाश में जुटी है।

इन फर्मों से खातों में डाली रकम

पुलिस कमिश्नर के अनुसार जांच में पता चला कि आजम इंटरप्राइजेज से 118 करोड़, अल्फिशा इंटरप्राइजेज से 133 करोड़, आरती इंटरप्राइजेज से 99.60 करोड़, फैज इंटरप्राइजेज से 104 करोड़, कासिफ इंटरप्राइजेज से 68.25 करोड़, शमा इंटरप्राइजेज से 124 करोड़, सम्मोह इंटरप्राइजेज से 117 करोड़, राजा इंटरप्राइजेज से 64 करोड़, सायरा इंटरप्राइजेज से 14 करोड़, शबनम इंटरप्राइजेज से 151 करोड़ रुपये बैंक खातों में डाले गए हैं।

इन बैंकों में है खाता

महफूज व उसके परिजनों व सहयोगियों का आईडीबीआई, एचडीएफसी, आरबीएल, इंडसइंड, बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक में खाता है।
ये था मामला 

यशोदानगर निवासी वासिद व अरशद 16 फरवरी को एलआईसी बिल्डिंग स्थित आईडीबीआई बैंक से रुपये निकालकर बाइक से जाजमऊ जा रहे थे। श्यामनगर शताब्दी उद्यान के पास दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने उनकी बाइक में टक्कर मारी और विवाद करते हुए तमंचे की बट से लहुलूहान कर रुपयों से भरा बैग लूट ले गए थे।

अरशद को हैलट में भर्ती कराया गया था। वासिद ने पहले 24 लाख, फिर आठ लाख रुपये लूट होने की सूचना दी, लेकिन बाद में घटना से मुकर गया। मुकरने पर संदेह होने पर पुलिस कमिश्नर ने क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी थी। इस जांच में हवाला या संदिग्ध कारोबार का खुलासा हो गया। पुलिस और अन्य एजेंसियां अब इसके आगे की जांच करेंगी।

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