लखनऊ : स्वाद के साथ सेहत का ख्याल रखेंगे तिन्नी पसई चावल के पापड़-कचरी

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Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला समूह के तिन्नी पसई चावल से बने पापड़-कचरी होली पर स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखेंगे। हाथ से बने ये पापड़-कचरी केमिकल मुक्त हैं, इन्हें व्रत में भी खा सकते हैं। विशेष पैकिंग वाले इन पापड़-कचरी की बिक्री 28 फरवरी से सरकारी परिसरों में स्टॉल लगाकर की जाएगी।

मिशन के निर्देश पर मां शिवधात्री समूह चिनहट की महिलाओं ने तिन्नी पसई चावल के पापड़ और कचरी तैयार किए हैं। पहाड़ी क्षेत्र के इस चावल को पसई चावल भी कहते हैं। इसमें आयरन, फाइबर, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट का प्राकृतिक स्रोत होता है। ग्लूटेन-मुक्त होने के साथ लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला ये चावल शुगर मरीजों के लिए वरदान है। हड्डियों को मजबूत बनाता है। इस चावल से बने खाद्य पदार्थ त्योहार के साथ व्रत में भी खाए जाते हैं। समूह की महिलाओं ने आचार, चाट मसाला, पूजन सामग्री आदि भी बनाई है।

आगरा, दिल्ली व कानपुर जाएगा पापड़-कचरी
समूह की अध्यक्ष सुषमा साहू ने बताया कि दो-दो क्विंटल पापड़-कचरी की मांग है। इसमें 50 फीसद तक तैयार करके पैकिंग कर ली है। ये आगरा, दिल्ली और कानपुर जाएगा। समूह का गोमती नगर के हुसड़िया में अवनि रिटेल स्टोर संचालित है यहां भी बिक्री करेंगे। इसके अलावा 28 फरवरी से सरकारी परिसरों में स्टॉल लगाएंगे। समूह में शामिल 12 महिलाओं को इससे रोजगार मिला है।

पापड़-कचरी की कीमत (रुपये प्रति किलो)
- फुटकर - 350-400
- थोक - 300-350
- 100 ग्राम - 60

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