लखनऊ में बिजली कर्मियों की जान जोखिम में... बिना सुरक्षा उपकरण कर रहे काम, तीन माह में आधा दर्जन संविदाकर्मी हुए घायल

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

उपकेंद्रों पर ग्लव्स-हेलमेट तक नहीं, विभाग ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन

लखनऊ, अमृत विचार : राजधानी में निर्बाध बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकांश बिजली कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। लाइनों की मरम्मत से लेकर ट्रांसफार्मरों और 11 केवी फीडरों की दुरुस्ती तक कई स्थानों पर कर्मचारी बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के कार्य कर रहे हैं। विभागीय स्तर पर सुरक्षा किट की कमी के कारण हादसों की घटनाएं बढ़ रही हैं। जानकारी के अनुसार पिछले तीन महीनों में संसाधनों के अभाव में कार्य कर रहे आधा दर्जन कर्मियों की जान जा चुकी है, जिनमें अधिकांश संविदाकर्मी बताए जा रहे हैं।

शहर के कई उपकेंद्रों पर ग्लव्स, हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और मजबूत रस्सियों जैसी बुनियादी सुरक्षा सामग्री तक उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद कर्मचारियों से सीढ़ियों के सहारे पोल पर चढ़कर लाइनों की मरम्मत, एबीसी लाइन सुधार और ट्रांसफार्मर संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। कई जगह कर्मचारी पेड़ों के सहारे सीढ़ी टिकाकर ऊंचाई पर काम करते देखे गए। कर्मचारियों का कहना है कि काम करना मजबूरी है, चाहे सुरक्षा उपकरण मिलें या नहीं। आरोप है कि दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी कर्मचारियों पर ही डाल दी जाती है।

सुरक्षा उपकरणों के अभाव में हुईं प्रमुख दुर्घटनाएं

केस नंबर-1

नाम: संदीप

स्थान: विद्युत उपकेंद्र अपट्रान

दुर्घटना तिथि: 17 फरवरी-26

वर्तमान में सिप्स हॉस्पिटल में भर्ती, उपचार जारी।

केस नंबर-2

नाम: करन

स्थान: विद्युत उपकेंद्र सेक्टर-6, जानकीपुरम

दुर्घटना तिथि: 15 फरवरी-26

ट्रॉमा सेंटर, लखनऊ में भर्ती। परिजनों के अनुसार स्वयं के खर्च पर इलाज कराया जा रहा है। विभाग या संबंधित कंपनी की ओर से समुचित व्यवस्था नहीं की गई।

केस नंबर-3

नाम: मंगेश कुमार

स्थान: विद्युत उपकेंद्र पूरनपुर, लखनऊ

दुर्घटना तिथि: 17 दिसंबर-25

केस नंबर-4

नाम: अंबिका प्रसाद

स्थान: विद्युत उपकेंद्र पूरनपुर

दुर्घटना तिथि: 15 अप्रैल-24

यह तो मात्र उदाहरण हैं। राजधानी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर पिछले एक वर्ष में उपकरणों के अभाव में एक दर्जन से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई संविदाकर्मी इलाज और जीवनयापन के लिए आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

प्रत्येक कर्मचारी को सुरक्षा किट उपलब्ध कराई गई है और किट पहनकर ही कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी उपकेंद्र पर उपकरण मौजूद नहीं हैं तो संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई की जाएगी। घायल कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

वीपी सिंह, मुख्य अभियंता, जानकीपुरम जोन

संबंधित समाचार