अयोध्या : रौनाही टोल प्लाजा का सर्वर डाउन, हाईवे पर लगा जाम, एंबुलेंस सहित अन्य वाहन घंटों फंसे रहे

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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सोहावल/अयोध्या, अमृत विचार। रौनाही टोल प्लाज़ा पर शुक्रवार सुबह लगभग छह बजे सर्वर खराब होने के कारण टोल वसूली बाधित हो गई। जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। इसके चलते टोल के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा गया। करीब तीन घंटे बाद नौ बजे सर्वर ठीक होने पर टोल वसूली शुरू हो सकी। इस दौरान जाम में फंसे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सर्वर डाउन होने से टोल वसूली प्रभावित हो गई। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग-27 की दोनों लेन पर आवागमन रोक दिया गया। जाम लगने के दौरान कई वाहनों में आपाधापी के कारण आपसी टकराव हुआ। दोपहिया व चार पहिया वाहनों ने रास्ता बदल दिया। इससे टोल के आसपास सटे गांवों में वाहनों की कतार दिखने लगी। कुछ वाहन चालक रास्ता भी भटक गए, जिससे उन्हें कई किमी. ज्यादा दूरी का सफर करना पड़ा।

बस्ती से अपनी कार से लखनऊ जा रहे विकास मिश्र ने बताया कि उनकी बुजुर्ग मां कैंसर पीड़ित हैं। हालत बहुत खराब है, डॉक्टर से सुबह नौ बजे का समय दिया था। जाम में दो घंटे से फंसे हैं, अब समय पर पहुंचना मुश्किल है। अयोध्या से लखनऊ जा रहे मुनि प्रसाद ने बताया कि हाईकोर्ट में तारीख है, सुबह पांच बजे ही घर से निकला था। अब जाम में फंसा हूं।

एबुलेंस में कराहता रहा मरीज, नहीं मिला आगे जाने का रास्ता

स्थानीय टोल मुक्ति मोर्चा के सदस्य अभिषेक सिंह, दीपक सिंह, राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि जाम के दौरान एंबुलेंस समेत कई आपातकालीन वाहन भी जाम में घंटों फंसे रहे। एक एंबुलेंस में मरीज दर्द से कराहता रहा, लेकिन टोल कर्मियों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। बताया कि लोगों ने बार-बार टोल मैनेजर से वाहनों को छोड़े जाने की गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

स्थानीय निवासी मुस्तकीम सिद्दीकी व मोहम्मद साबिर ने बताया कि नियमों के अनुसार किसी भी वाहन को टोल पर दो मिनट से अधिक नहीं रोका जाना चाहिए। तकनीकी खराबी की स्थिति में वाहनों को तत्काल आगे निकालना चाहिए था, लेकिन टोल कर्मियों की लापरवाही के कारण घंटों जाम की स्थिति बनी रही।

सर्वर डाउन होने के कारण भुगतान की प्रक्रिया बाधित हो गई थी। जिस वजह से कुछ देर के लिए वाहनों को रोका गया। सर्वर बहाल होने पर तुरंत वाहनों को निकाल दिया गया... मनीष सिंह, टोल मैनेजर।

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