World Television Day 2025: टीवी पर कब हुआ पहला प्रसारण, जाने इतिहास, महत्त्व और भारत में इसकी शुरुआत
मुंबई। टेलीविजन लंबे समय से भारतीय घरों की धड़कन रहा है, जो दिल को छू लेने वाली कहानियों के साथ संस्कृतियों, पीढ़ियों और भावनाओं को एक सूत्र में पिरोता है। हंसी और ड्रामा से लेकर प्रेरणा और विचारोत्तेजक कथाओं तक, टेलीविजन में लाखों लोगों को जोड़ने, बातचीत शुरू करने और जीवन भर याद रहने वाली यादें बनाने की शक्ति है।
हर साल दुनिया को याद दिलाने के लिए 21 नवंबर को वर्ल्ड टेलीविजन डे मनाया जाता है एक स्क्रीन से लोगों को जोड़ती हैं और सच को वैश्विक मंच प्रदान करती है। इसीलिए आज के दिन विश्व टेलीविजन दिवस मनाया जाता है। लेकिन आपको बता दें कि आज टीवी का बर्थडे नहीं मनातें है।
2025 के लिए 'टेलीविजन दिवस 2025: 1959 से सैटेलाइट से डिजिटल युग तक का सफ़र' है, यह दिन हमें टेलीविजन की जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका पर विचार करने का अवसर देता है।
क्यों मनाया जाता हैं वर्ल्ड टेलीविज़न डे
21-22 नवंबर 1996 को UN ने पहला वर्ल्ड टेलीविजन फोरम आयोजित किया, जहां मीडिया विशेषज्ञों ने टेलीविजन की बदलती दुनिया में भूमिका पर चर्चा की। इसकी सफलता पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 नवंबर को वर्ल्ड टेलीविजन डे घोषित किया। टेलीविजन के बढ़ते प्रभाव को मान्यता देना, जो संघर्षों, शांति-सुरक्षा की धमकियों और आर्थिक-सामाजिक मुद्दों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करता है। यह दिन टेलीविजन को सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के स्रोत के रूप में मजबूत करता है।
भारत में टेलीविजन की शुरुआत
भारत में टेलीविजन की शुरुआत 15 सितंबर 1959 को हुई थी। यह एशिया का पहला देश था जहाँ नियमित टेलीविजन सेवा शुरू हुई (जापान के बाद एशिया में दूसरा, लेकिन सार्वजनिक प्रसारण के रूप में भारत को पहले माना जाता है)।यूनेस्को की मदद से शुरू हुआ। इसके अलावा टीवी पर पहला कार्यक्रम– "शिक्षा और मनोरंजन के लिए टेलीविजन" पर आधारित एक छोटा समारोह और फिर कुछ शैक्षिक कार्यक्रम प्रसारित किये गए।
