Bareilly: जमींदोज हुए तौकीर के करीबियों के दोनों अवैध बरातघर, सूफी टोला दूसरे दिन भी बना रहा छावनी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। सूफी टोला स्थित आजम खान और मौलाना तौकीर रजा के करीबियों के दोनों बरातघरों गुड लाइफ मैरिज हॉल और एवान-ए-फरहत को बरेली विकास प्राधिकरण की बुलडोजर की कार्रवाई में बुधवार को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। इसके चलते विरोध करने की बजाय आंखों में आंसू भरकर परिवार के लोग कार्रवाई को निहारते रहे।

शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद से ही आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के करीबियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में सूफीटोला में राशिद खान के गुडलाइफ मैरिज हॉल और सरफराज वली खान के एवान-ए-फरहत को नक्शे के विपरीत बना बताकर बीडीए ने मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की थी। बीडीए ने दोनों बरातघरों को 14 साल पहले 2011 में नोटिस जारी किया था। बीडीए के बुलडोजर कार्रवाई के पहले दिन बरातघरों की केवल बाहरी दीवारों को ही तोड़ा जा सका था। शाम हो जाने के कारण कार्रवाई को रोक दिया गया था। बरेली विकास प्राधिकरण के बुलडोजर बुधवार सुबह करीब 10 बजे एक बार फिर सूफी टोला पहुंचे। निरीक्षण करने के बाद गुडलाइफ मैरिज हॉल और एवान-ए-फरहत को तोड़ना करीब 12 बजे आरंभ किया गया। दूसरे दिन भी कार्रवाई के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। शाम तक दोनों बरातघरों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। भारी पुलिस फोर्स की तैनाती के चलते परिजन घरों में ही कैद रहे और पड़ोसी की छत से आंसू भरी आंखों से कार्रवाई को निहारते रहे।

कार्रवाई से पहले चलाया सर्च ऑपरेशन, मिला घरेलू सामान
बीडीए और पुलिस टीम ने दूसरे दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आरंभ करने से पूर्व संयुक्त रूप से दोनों ही बरातघरों की चेकिंग की तो अंदर बने कमरों में गैस चूल्हे, सिलिंडर, अलमारी समेत अन्य सामान रखा मिला। इस पर टीम ने परिजनों से सामान जल्द निकालने को कहा। इसके बाद एवान ए फरहत का जमीन पर पड़ा स्टील का गेट और अन्य सामान ले गए।

पहले दिन जारी रही चहलकदमी तो लगाई बैरिकेडिंग
बीडीए की मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान पुलिस फोर्स कम रही। जिस मार्ग पर कार्रवाई की जा रही थी इसके दोनों ओर जवानों ने वाहन लगाकर रास्ता रोका था। इस दौरान आंख बचाकर कई लोग मार्ग में चहल कदमी भी करते रहे, लेकिन दूसरे दिन सुबह ही पुलिस ने इस मार्ग के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया।

आधे घंटे के लिए थमी कार्रवाई, मंगाया पोकलैंड
मंगलवार को हुई कार्रवाई के दौरान दोनों ही बरातघर का आगे का करीब 40 फीसदी हिस्सा ही बीडीए की टीम ने ध्वस्त किया था, लेकिन दूसरे दिन पास में बने अन्य आवासों को नुकसान न पहुंचे इसलिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोक कर पोकलैंड मंगाया गया। इसके बाद एहतियात के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दोबारा आरंभ की गई।

बड़ा जनरेटर बना बाधक, ठेकेदार को बुलाया
कार्रवाई के दौरान सीओ तृतीय और एसपी सिटी मानुष पारिक मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान कर्मचारी ने बताया कि एवान ए फरहत की छत पर बड़ा जनरेटर लगा हुआ है, वहीं अन्य छोटे उपकरण भी मौजूद हैं। इस पर फौरन पुलिस ने ठेकेदार और इलेक्ट्रिशियन को बुलाकर इनको शिफ्ट करने का प्रबंध किया।

बीडीए संयुक्त सचिव दीपक कुमार दोनों ही बरातघरों के शेष हिस्से का ध्वस्तीकरण किया गया है, ये कार्रवाई प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत नहीं कराए जाने के लिए की गई है। शहर में जो भी निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत के कराए गए हैं, इन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

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