Barabanki Crime News: कंपनी के पूर्व निदेशक समेत 9 लोगों पर रिपोर्ट, लोन दिलाने के नाम पर बेरोजगार से लाखों ठगे

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बाराबंकी, अमृत विचार। इंफ्राटेक कंपनी से हटने के बावजूद पूर्व निदेशक ने साथियों संग मिलकर न सिर्फ जमीनों का फर्जी बैनामा कराने का प्रयास किया बल्कि जमीन कब्जाने की कोशिश भी की। वर्तमान निदेशक की तहरीर पर पूर्व निदेशक समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

गोरखपुर शहर में दक्षिण काली मंदिर के निकट रहने वाले संजीत श्रीवास्तव डायरेक्टर मंगीरिश इंफ्राटेक ने पुलिस को बताया कि आरोपी अम्बरीश चन्द्र व बागीश चन्द्र श्रीवास्तव पुत्र राधेश्याम श्रीवास्तव, आरएन राय पुत्र श्यामरथी राय आदि ने आपस में साजिश कर कम्पनी की कीमती भूमि को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। 

बताया कि अम्बरीश श्रीवास्तव वर्ष 2017 में लाभांश लेकर कम्पनी से त्यागपत्र दे चुके हैं। इसलिए न तो वह कम्पनी की किसी संपत्ति को खरीद-बेच सकते थे और न ही किसी बैनामे पर हस्ताक्षर करने का अधिकार था। इसके बावजूद आरोपियों ने 30 जनवरी 2024 को कम्पनी की जमीन का फर्जी अनुबंध और 6 मई 2024 को ग्राम शुक्लाई स्थित जमीन का फर्जी बैनामा तैयार कराया। 

फर्जीवाड़े का खुलासा नकल निकालने पर हुआ। विरोध करने पर आरोपियों ने न केवल कागजात निरस्त करने से इंकार किया, बल्कि एक और अवैध बैनामा भी कर दिया। 5 नवंबर को आरोपितों ने जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।

लोन दिलाने के नाम पर बेरोजगार से लाखों ठगे

रामनगर: प्राइवेट बैंक में लोन दिलाने के नाम पर एक बेरोजगार युवक से लाखों रुपए की ठगी और बाद में धमकी व मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। अमित कुमार पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम तारापुर गुमान थाना रामनगर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह रोजगार की तलाश में था।

इसी दौरान गांव के ही विष्णु निवासी सफीपुर ने रिंकू धीमान निवासी ग्राम घुसेड़िया थाना बदोसरांय से मिलवाया। विष्णु ने रिंकू को पीरामल फाइनेंस का फील्ड ऑफिसर बताकर भरोसा दिलाया कि वह 12 लाख रुपए का लोन दिला देगा। 15 सितंबर को दोनों ने लोन दिलाने के नाम पर उससे ऑनलाइन व नकद मिलाकर कुल 4,08,500 रुपये ले लिए। इसके बाद उसे 11,64,647 रुपये के लोन स्वीकृति दस्तावेज दिखाए और एक चेक भी ले लिया। 

रिंकू ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर दिए, जिन्हें तहसील में चेक कराने पर पता चला कि वे पूरी तरह नकली हैं। जब पीड़ित ने विरोध किया और पैसे वापस मांगे तो रिंकू उसे टालता रहा। 4 अक्टूबर की शाम उसे राजापुर बुलाकर रिंकू व उसके दो अज्ञात साथियों ने जान से मारने की धमकी दी और लात-घूंसों से पिटाई की।

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