यूपी कैबिनेट की बड़ी पहल: शिक्षा सेवा चयन आयोग संशोधन विधेयक-2025 सहित निजी विश्वविद्यालयों के तीन संशोधन बिलों को मिली मंजूरी

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग संशोधन विधेयक–2025 को विधानसभा में चर्चा के बाद सदन ने बहुमत से पारित कर दिया। इससे पहले मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने इस पर चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा और चिकित्सा मानव जीवन की मूल आवश्यकता हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने प्रत्येक मंडल में कम से कम एक सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित करने का संकल्प पूरा किया है। साथ ही निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश को शिक्षा का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय हब बनाने की दिशा में ठोस कार्य किया गया है।

उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने कहा कि पूर्व में उत्तर प्रदेश में एक भी विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल नहीं था, जबकि आज प्रदेश के कई सरकारी विश्वविद्यालय नैक, क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग और यूएस एशिया रैंकिंग में स्थान बना चुके हैं। निजी विश्वविद्यालयों के आने से न केवल उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ है, बल्कि प्रतिस्पर्धा के कारण गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने बताया कि निजी विश्वविद्यालयों पर उच्च शिक्षा परिषद के माध्यम से प्रभावी नियंत्रण व्यवस्था लागू है और सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है।

चर्चा के बाद सदन ने उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) विधेयक, 2025, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) विधेयक, 2025, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पंचम संशोधन) विधेयक, 2025 को भी बहुमत से पारित कर दिया।

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